
उम्र सीमा में छूट की मांग, झारखंडी युवाओं के साथ अन्याय का आरोप।।
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा जारी संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा विज्ञापन संख्या-2026 को लेकर राज्य के युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। झारखंड छात्र संघ ने विज्ञापन में निर्धारित उम्र सीमा को अन्यायपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से इसमें संशोधन की मांग की है।
संघ का कहना है कि पिछले 25 वर्षों में JPSC द्वारा मात्र 8 बार ही सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की गई है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी अवसर से वंचित रह गए। वर्ष 2024 में जारी संयुक्त असैनिक नियुक्ति परीक्षा के विज्ञापन में अधिकतम उम्र सीमा की गणना 01 अगस्त 2017 से की गई थी, जबकि वर्तमान विज्ञापन संख्या-2026 में इसे बढ़ाकर 01 अगस्त 2026 कर दिया गया है।
संघ के अनुसार, उम्र सीमा में इस बदलाव के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे, जो कहीं से भी न्यायोचित नहीं है।
झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने राज्य सरकार से मांग की है कि सिविल सेवा (नियमित एवं बैकलॉग) विज्ञापन संख्या-2026 में संशोधन कर अधिकतम उम्र सीमा की गणना 01 अगस्त 2018 से की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस पर निर्णय नहीं लिया, तो युवाओं को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।



