

नई दिल्ली। बांग्लादेश में जारी हिंसा और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बांग्लादेश सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बांग्लादेश में हिंसा पर MEA का बयान
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बांग्लादेश में हाल के समय में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है। धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के मूल्यों के खिलाफ हैं।
MEA ने कहा कि भारत इन घटनाओं पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
अल्पसंख्यकों पर 2900 से ज्यादा हिंसक घटनाएं
MEA के अनुसार, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ 2900 से अधिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें धार्मिक स्थलों को नुकसान
घरों और दुकानों में तोड़फोड़
जान-माल की हानि
डराने-धमकाने की घटनाएं
शामिल हैं।
भारत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा हैं।
बांग्लादेश सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से अपील की है कि वह
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे
दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे
कानून का राज बहाल करे
MEA ने दोहराया कि किसी भी देश की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने सभी नागरिकों को समान सुरक्षा प्रदान करे।
भारत ने दोहराया मानवाधिकारों के प्रति अपना रुख
भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपने पड़ोसी देशों में शांति, स्थिरता और मानवाधिकारों के सम्मान का हमेशा समर्थन करता आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत चाहता है कि बांग्लादेश में हालात जल्द सामान्य हों और सभी समुदाय बिना डर के जीवन जी सकें।
कूटनीतिक और राजनीतिक हलकों में हलचल
MEA के इस कड़े बयान के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठ सकता है।





