
अजीत मिश्रा (खोजी)
।।बस्ती: कटरा में ‘खूनी’ हुआ मकान का विवाद, पुलिस की लापरवाही से सड़कों पर बहा खून।।
रविवार 18 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
बस्ती। शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत कटरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए दो पक्ष सड़कों पर आमने-सामने आ गए। जमीनी विवाद ने रविवार को उस समय उग्र रूप ले लिया जब कटरा पानी टंकी के पास मुख्य मार्ग पर जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर है। सबसे बड़ा सवाल इलाके की बड़ेबन चौकी पुलिस पर उठ रहा है, जो मामले की संवेदनशीलता को जानते हुए भी गहरी नींद में सोई रही।
साले-बहनोई के झगड़े में तमाशबीन बनी पुलिस
विवाद का केंद्र एक पुश्तैनी मकान है, जिसे लेकर साले रशीद अहमद और उनके बहनोई मेराजुद्दीन के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है। रशीद अहमद का आरोप है कि अदालत का फैसला उनके पक्ष में होने के बावजूद मेराजुद्दीन दबंगई के बल पर मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। रविवार को मेराजुद्दीन ने साथियों के साथ मिलकर घर पर चढ़कर हमला बोल दिया, जिसके बाद बीच सड़क पर दोनों गुटों में जमकर लाठी-डंडे चले।
सूत्रों की मानें तो यह मारपीट अचानक नहीं हुई। बीते कल भी दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई थी। पुलिस की ‘सुस्ती’ ने हमलावरों के हौसले बुलंद किए, जिसका नतीजा आज खून-खराबे के रूप में सामने आया। हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्ग पर घंटों तांडव चलता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
112 ने झाड़ा पल्ला, घायलों में आक्रोश
मारपीट की सूचना के बाद मौके पर पहुँची 112 पीवीआर की टीम ने महज औपचारिकता पूरी की। पुलिसकर्मियों ने गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुँचाने या आरोपियों को पकड़ने के बजाय, दोनों पक्षों को खुद कोतवाली जाने की ‘सलाह’ देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
पीड़ित पक्ष का पक्ष:
“मेरे पास कोर्ट का आदेश है, फिर भी पुलिस मुझे सुरक्षा देने के बजाय तमाशा देख रही है। कल की घटना के बाद अगर पुलिस चेत जाती, तो आज मेरे परिवार पर यह हमला न होता।” – रशीद अहमद (पीड़ित)
अब देखना यह है कि इस सरेराह हुई गुंडागर्दी के बाद जिले के उच्चाधिकारी लापरवाह पुलिसकर्मियों और हमलावरों पर क्या कार्रवाई करते हैं।












