
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। प्रशासन का कड़ा प्रहार: खलीलाबाद में अवैध शराब के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 120 किलो लहन नष्ट।।
सोमवार 26 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।

संत कबीर नगर।। जनपद में अवैध कच्ची शराब के काले कारोबार की कमर तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिलाधिकारी आलोक कुमार के कड़े तेवरों के बाद गुरुवार को आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने खलीलाबाद और दुधारा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। इस ‘ज्वाइंट ऑपरेशन’ ने न केवल कच्ची शराब के भट्टों को उजाड़ा, बल्कि मिलावटखोरों और अवैध कारोबारियों में भी हड़कंप मचा दिया।
डिजिटल मीटर से जांच, दुकानों में मची खलबली
अभियान की शुरुआत खलीलाबाद शहर की मॉडल शॉप और देशी-विदेशी शराब की दुकानों के औचक निरीक्षण से हुई। पुलिस उपाधीक्षक सदर अमित कुमार एवं विजय आनंद के साथ आबकारी निरीक्षक की टीम ने डिजिटल अल्कोहल मीटर से शराब की गुणवत्ता जांची। बोतलों की सील, क्यूआर कोड और स्टॉक रजिस्टर की बारीकी से जांच की गई ताकि मिलावटी शराब की बिक्री की गुंजाइश खत्म की जा सके। प्रशासन की इस अचानक दबिश से दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
झाड़ियों और सुनसान इलाकों में बिछाया जाल
मुख्य कार्रवाई ग्राम अशरफपुर (थाना दुधारा) और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में हुई। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब संयुक्त टीम ने गांव के बाहरी हिस्सों और झाड़ियों में तलाशी शुरू की, तो अवैध शराब बनाने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। टीम ने घेराबंदी कर 120 किलोग्राम महुआ लहन बरामद किया। कारोबारियों ने इसे छिपाकर रखा था ताकि रात के अंधेरे में इसे शराब में बदला जा सके, लेकिन पुलिस ने मौके पर ही लहन को नष्ट कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
बरामदगी: 120 किलो कच्चा महुआ लहन (मौके पर नष्ट)।
निरीक्षण: मॉडल शॉप एवं फुटकर दुकानों की डिजिटल जांच।
चेतावनी: अवैध शराब व्यापार में संलिप्त पाए जाने पर सीधे जेल भेजने के निर्देश।
“जनपद में अवैध शराब का धंधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि कच्ची शराब की अंतिम भट्ठी शांत नहीं हो जाती। हम न केवल कार्रवाई कर रहे हैं, बल्कि जनता को भी इस ज़हर के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं।”— प्रशासनिक अधिकारी
भगदड़ का माहौल, प्रशासन की पैनी नजर
छापेमारी के दौरान पुलिस की आहट मिलते ही कई संदिग्ध मौके से झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने उनकी पहचान के लिए जाल बिछा दिया है। कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उन्हें समझाया कि कच्ची शराब न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह जानलेवा भी है।
निष्कर्ष: इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि संत कबीर नगर प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में और भी सख्त गश्त और निगरानी की योजना बनाई गई है, जिससे अवैध शराब माफियाओं के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं।












