
सिद्धार्थनगर ,आगामी ईदु-उल जुहा (बकरीद) को लेकर जनपद में शांति, सुरक्षा और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय पीस कमेटी की बैठक में प्रशासन और पुलिस ने सख्त लेकिन संतुलित तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया,
जिसमें साफ तौर पर यह संदेश दिया गया कि त्योहार की खुशियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अफवाह या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पहले से आयोजित पीस कमेटी बैठकों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि स्थानीय स्तर पर लोगों को भाईचारे और संयम के साथ पर्व मनाने के लिए जागरूक किया जा चुका है और संभ्रांत नागरिकों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सिद्धार्थनगर की पहचान एक शांतिप्रिय जनपद के रूप में रही है और इस विरासत को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए छोटी से छोटी गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न रहे। नगर निकायों और पंचायतों को ईदगाहों व मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने, नालियों की सफाई, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं नमाज केवल निर्धारित स्थलों पर ही अदा करने और सार्वजनिक सड़कों पर भीड़ एकत्र न होने देने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन ने यह भी सख्ती से कहा कि नमाज स्थलों के आसपास आवारा या प्रतिबंधित पशु नहीं दिखने चाहिए और कुर्बानी के बाद अवशेषों का सुरक्षित व व्यवस्थित निस्तारण किया जाए ताकि स्वच्छता और जनस्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े। बिजली आपूर्ति को निर्बाध रखने और अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। बैठक में सोशल मीडिया को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना कानूनन अपराध है, इसलिए लोग संयम बरतें और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर परखें, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। कुल मिलाकर बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और आमजन के सहयोग से ईदु-उल जुहा का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा, जहां सभी समुदाय मिलकर एक-दूसरे की खुशियों में शामिल हों और जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत क










