

सूरजपुर/ कलेक्टर रेना जमील ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों सहित खाद्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों, खाद-बीज वितरण, पीडीएस राशन आपूर्ति, उद्यानिकी उत्पादों एवं कृषि आधारित गतिविधियों की स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई।
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खरीफ वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य, बीज एवं खाद की मांग एवं वितरण व्यवस्था, पंजीकृत सीमांत, लघु एवं दीर्घ किसानों की संख्या सहित अन्य जानकारी ली। उन्होंने खाद-बीज वितरण को बेहतर एवं व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित करने तथा प्राथमिकता के आधार पर किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में धान, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी सहित विभिन्न फसलों की जिले में रकबा की स्थिति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने सॉयल हेल्थ कार्ड निर्माण एवं निर्धारित तीन वर्ष बाद उसके नवीनीकरण तथा अग्रिस्टेक पंजीयन कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही इस दौरान धान के अलावा अन्य फसलों के लिए किसानों को प्रोत्साहित एवं लाभान्वित करने पर चर्चा की गई।
खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्ड ई-केवाईसी, खाद्यान्न वितरण, भंडारण, उचित मूल्य दुकानों के भौतिक सत्यापन, निरीक्षण रिपोर्ट, एफसीआई में चावल जमा की स्थिति एवं पीडीएस बारदाने की उपलब्धता की समीक्षा की गई। उन्होंने खाद्य अधिकारी एवं निरीक्षकों को राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा हितग्राहियों को चना, शक्कर, नमक एवं चावल का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राशन कार्ड ई-केवाईसी की प्रगति की भी जानकारी ली। साथ ही बैठक में किसानों एवं जनहित योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए पेट्रोल एवं डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उद्यानिकी रकबा, नर्सरी, उत्पादन एवं लक्ष्य की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने पुष्प क्षेत्र विस्तार तथा विभिन्न अन्य फूलों के जिले में उत्पादन की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहद उत्पादन बढ़ाने एवं बागवानी फसलों जैसे आम, लीची, नाशपाती, ड्रैगन फ्रूट सहित अन्य फसलों के उत्पादन की संभावनाएं तलाशने और किसानों को प्रोत्साहित करने की योजना तैयार करने को कहा। इसके अलावा रामतिल, पाम ऑयल, चार, हर्रा एवं बेहड़ा उत्पादन की भी समीक्षा की गई।
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा करते हुए पोल्ट्री, बकरी पालन, पशु चिकित्सालय एवं औषधालय, पशु टीकाकरण और विभागीय लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने टर्की एवं डक पालन की संभावनाओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में मत्स्य उत्पादन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की प्रगति, मछुआ समितियों, स्व-सहायता समूहों एवं निर्माणाधीन हैचरी की जानकारी ली गई तथा उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरी, मलबरी उत्पादन एवं अर्जुना पौधरोपण की स्थिति की जानकारी ली।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, डिप्टी कलेक्टर, डीडी एग्रीकल्चर, डीडी पशुधन विकास विभाग, सहायक संचालक मत्स्य, सहायक संचालक उद्यानिकी, जिला विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, एआरसीएस सहकारी समिति सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









