

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर
गाजीपुर। जिले के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। करीब 16 वर्षों से बंद पड़ी बरौड़ा कटाई मिल की लगभग 55 एकड़ जमीन पर अब औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने की राह साफ होती दिखाई दे रही है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस जमीन पर वरुण बेवरेजेज की ओर से करीब 1,078 करोड़ रुपये के निवेश से मिनरल वाटर एवं पेय पदार्थों का प्लांट स्थापित करने की योजना है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित परियोजना के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। अब शासन स्तर से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद भूमि हस्तांतरण और परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यदि योजना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती है, तो लंबे समय से बंद पड़ी बरौड़ा कटाई मिल की जमीन को एक बार फिर औद्योगिक उपयोग में लाया जा सकेगा।
5 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत रोजगार को लेकर है। प्रस्तावित प्लांट से करीब 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
प्लांट के संचालन के साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई, रखरखाव और अन्य सहायक गतिविधियों में भी रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय बाजार और छोटे कारोबारों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
16 साल से बंद जमीन को मिलेगा नया उपयोग
बरौड़ा कटाई मिल के लंबे समय से बंद रहने के कारण लगभग 55 एकड़ जमीन का औद्योगिक उपयोग नहीं हो पा रहा था। अब प्रस्तावित निवेश के जरिए इस जमीन को दोबारा उपयोग में लाने की संभावना बनी है।
स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बड़े औद्योगिक निवेश से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उद्योग स्थापित होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं की मांग भी बढ़ सकती है।
स्थानीय कारोबार को भी मिल सकता है लाभ
पेय पदार्थों के प्रस्तावित प्लांट के संचालन से केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कई छोटे-बड़े कारोबारों को भी फायदा मिलने की संभावना है। कच्चे माल की आपूर्ति, पैकेजिंग, परिवहन, गोदाम, माल ढुलाई और अन्य सेवाओं से जुड़े स्थानीय कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
इसके अलावा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से बाजारों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने पर दूसरे शहरों की ओर पलायन कम करने में भी मदद मिल सकती है।
शासन की अंतिम स्वीकृति का इंतजार
हालांकि परियोजना को लेकर अभी शासन की अंतिम स्वीकृति और आगे की औपचारिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद भूमि हस्तांतरण सहित परियोजना की अगली कार्रवाई शुरू होने की बात सामने आई है।
ऐसे में अब स्थानीय लोगों की नजर शासन स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद गाजीपुर में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।
गाजीपुर के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम
करीब ₹1,078 करोड़ का प्रस्तावित निवेश, लगभग 55 एकड़ जमीन का पुनः उपयोग और करीब 5,000 रोजगार के संभावित अवसर इस परियोजना को गाजीपुर के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं।
यदि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्लांट स्थापित होता है, तो यह लंबे समय से बंद पड़ी बरौड़ा कटाई मिल की जमीन के पुनर्जीवन के साथ-साथ जिले में औद्योगिक विकास की दिशा में भी एक अहम कदम साबित हो सकता है।
— वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज, गाजीपुर







