
भगवंत सिंह मान के जापान व दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान, जापानी कंपनी Aichi Steel ने राज्य की स्टील कंपनी Vardhman Special Steels के साथ मिलकर पंजाब में औद्योगिक विस्तार की सहमति दी — लगभग ₹500 करोड़ के निवेश का समझौता हुआ। इसके अलावा, जापानी कंपनी Toppan Speciality Films (TSF) ने भी राज्य में निवेश व स्किल-एक्सीलेंस केंद्र स्थापित करने के लिए ₹400 करोड़ निवेश का एमओयू साइन किया। इस निवेश से स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण व रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। दक्षिण कोरिया के उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी पंजाब में निवेश में रुचि दिखाई है। सरकार ने अगले साल (13–15 मार्च 2026) आयोजित होने वाले Progressive Punjab Investors’ Summit के दौरान इन निवेशकों को आमंत्रित किया है। पंजाब सरकार ने निवेशकों को सुविधा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, राज्य में बेहतर आधारभूत संरचना, विश्वसनीय बिजली-पावर सप्लाई, बेहतर लॉजिस्टिक व मार्केट कनेक्टिविटी। निवेशकों व उद्योगों के लिए सहज माहौल देने हेतु नीतिगत सुधार, ट्रांसपेरेंसी, और निवेश-फ्रेंडली नियम। स्किल डेवलपमेंट व स्थानीय रोजगार पर जोर — विशेषकर उन युवा वर्गों के लिए जो तकनीकी या मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करना चाहते हैं। इन पहलों से यह स्पष्ट है कि पंजाब अब सिर्फ कृषि-आधारित राज्य नहीं रह गया है, बल्कि वृहद औद्योगिक व निवेश-मित्र राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है। निवेश और विकास से होने वाले संभावित फायदे ,नए उद्योग, फैक्टरियाँ और स्किल-सेंटर युवाओं को रोज़गार देंगे। उद्योग और टेक्नोलॉजी — आधुनिक टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स। कौशल व प्रशिक्षण — स्थानीय युवाओं के लिए स्किल-एक्सीलेंस सेंटर और अप्रेंटिसशिप। प्रदेश की आर्थिक वृद्धि — निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी; व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।








