

लाल स्वेटर में भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह हैं। उनकी वजन केरुपए बक्से में भरकर मुस्लिम लाए थे।
मुरादाबाद में भाजपा उम्मीदवार रामवीर सिंह ठाकर कोप्रचार के अंतिम दिन सोमवार को मुस्तलिम मतदाताओंने नोटों से तौला। मुस्लिमों ने रामवीर से कहा, हम इसमिथक को तोड़ देंगे कि मुसलमान भाजपा को वोट नहींदेता है। हम रामवीर को वोट भी देंगे और चुनाव लड़ानेके लिए नोट भी देंगे।’
भाजपा प्रत्याशी को नोटों से तौले जाने के 2 वीड़ियोसामने आए हैं। वीडियो कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र मेंमूंढापांडे के मुस्लिम बहुल गांव कमालपुर फतेहाबाद काहै। रामवीर ठाकुर यहां एक नुक्कड़ सभा को संबोधितकरने पहुंचे थे। मुस्लिम समर्थकों ने मंच पर इलेक्ट्रानिककांटा लगाकर पहले रामवीर का वजन किया, फिर एकबक्से में भरकर उनके वजन के बराबर नोट तौले।
ये रुपए मुस्लिम समाज ने चंदा करके इकट्ठा किया था।नुक्कड़ सभा के बाद रामवीर जैसे ही मंच से नीचे उतरेतो मुस्लिमों ने शगुन के तौर पर उन्हें पैसे भी दिए। किसीने 100 तो किसी ने 500 का नोट भाजपा प्रत्याशी कोजेब से निकालकर दिया। रामवीर ठाकुर इन पैसों कोमार्थे से लगाकर लोगों के प्रति अपना आभार जताते देखेगए।
रामवीर मुस्लिमों में क्यों हुए इतने लोकप्रिय, जानिए
वजह…जिन नोटो से तौला गया, उन्हें संदूक में भरकर रखवा दिया गया।
मुस्लिमों के काम आने वाले इकलौते भाजपा नेतारामवीर ठाकुर और सर्वश सिंह, मुरादाबाद में ये दोभाजपा नेता थे, जिनके घर के दरवाजे हमेशा मुस्लिमोंके लिए खुले रहे। सरकार आने के बाद इन दोनोंनेताओं ने जितने काम हिंदू समर्थकों के किए, उतनेही ये मुस्लिम समर्थकों के भी काम आए। कुंवर सर्वेशसिंह की लोकसभा चुनाव के दौरान बीमारी से मौत होगई। अब अकेले रामवीर सिंह बचे हैं, जिनका जिले मेंमुस्लिम वोट्स से सीधा जुड़ाव है।
तुकों के गढ़ में इतिहास बदलने की ओर मुसलमानकुंदरकी सीट पर करीब 60 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं।इनमें भी करीब 80 हजार वोट अकेले तुर्क बिरादरीके हैं। यही वजह है कि पिछले 3 दशक में यहां तुक्कबिरादरी के नेता ही चुनाव जीतकर विधायक बनते रहेहैं। 5 बार इस सीट पर पूर्व मंत्री हाजी अकबर और 3बार मौजूदा सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान ने चुनाव जीताहै। एक बार बर्क के पोते जियाउर्रमान भी 2022 में यहांसे विधायक रह चुके हैं। ये सभी तुर्क बिरादरी से ही थे।लेकिन, पहली बार भाजपा कुंदरकी सीट पर सपा कोकड़ा मुकाबला दे रही है। दरअसल, भाजपा प्रत्याशीरामवीर ठाकुर की मुस्लिर्मों में मजबूत पकड़ है। 2017में भी उन्हें मुस्लिमों ने बड़ी तादाद में वोट किया था।लेकिन, तमाम कोशिशों के बाद भी रामवीर उस समयकरीब 10 हजार वोटों के अंतर से हार्जी रिजवान सेचुनाव हार गए थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां बदलीहुई हैं।15 दिन पहले मुस्लिमों ने ररामवीर को जालीदार टोपी पहनाई थी,जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया था।
शेखजादा, पठान और कुरैशी बिरादरी में नाराजगीहाजी रिजवान के बेटे कल्लन ने सपा की सरकार केदौरान इलाके में काफी दबंगई दिखाई। कल्लन कीहरकतों ने एक बार तो हाजी रिजवान को भी परेशानकर दिया था। सपा सरकार में कल्लन की दबंगई काशिकार होने वालों में बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज केलोग भी थे। खासकर शेखजादा, पठान और कुरैशीबिरादरी के लोगों ने खुद को उपेक्षित महसूस किया। ऐसेमें ये बिरादरियां हाजी रिजवान की मुखालफत में अबरामवीर के साथ खड़ी दिख रही हैं।
3 सांसद, 5 विधायक चुनावी पिक्चर से गायब रहेमुरादाबाद जिले में सपा के तीन सांसद हैं। मुरादाबादसांसद रुचिवीरा, संभल सांसद जियाउरहमान बर्क औरराज्यसभा सांसद जावेद अली। इसके अलावा सपा के5 विधायक हैं। इनमें बिलारी विधायक फहीम, कांठविधायक कमाल अख्तर, ठाकुरद्वारा विधायक नवाबजान खां, देहात विधायक हाजी नासिर कुरैशी। कुंदरकीसीट भी 2022 में सपा ने ही जीती थी। जियाउरहमानयहां से सपा के विधायक थे, जिनके सांसद बनने के बाद। यहां से सपा के विधायक थे, जिनके सांसद बनने के बादउनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर चुनाव हो रहा
सपा के सांसदों और विधायकों की ये फौज पूरे टाइमचुनावी पिक्वर से गायब रही। ये सिर्फ तभी दिखे, जबबाहर से कोई नेता यहां आया। अखिलेश यादव कीजनसभा और प्रदेश के अध्यक्ष के दौरे में ये नेता मंचपर जरूर दिखे, लेकिन उसके बाद प्रचार में नजर नहीं
आए।अखिलेश ने मंच से कहा- प्रशासन से मिले हैं हमारेलोग, इनमें कुछ मंच पर भी
कुंदरकी सीट पर सपा के कुछ नेता भी अंदरखानेभाजपा को ही चुनाव लड़ा रहे हैं। समाजवादी पार्टी केराष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस बात से अनजाननहीं हैं। 10 नवंबर को कुंदरकी के डोमघर में रैली कोसंबोधित करने आए अखिलेश ने मंच से कहा था कि,हमारे कुछ लोग प्रशासन से और भाजपा से मिेल गएहैं। उनमें से कई यहां मंच पर भी बैठे हैं। 2027 में इन्हेंटिकट नहीं मिलेगा।
मतलब साफ हैं, भाजपा प्रत्याशी रामवीर ठाकुर कोमिल रहे मुस्लिमों के समर्थन के पीछे कोई इकलौताफैक्टर नहीं है। बल्कि इसके पीछे रामवीर के मुस्लिमोंसे अपने निजी रिश्ते, सपा नेताओं की बगावत, सपाप्रत्याशी हाजी रिजवान का विरोध और रिजवान के बेटेकी गुंडई के किस्से भी शामिल हैं।
असली-नकली तुर्क और बिकाऊ दलाल मुसलमान केबयानों से मुस्लिम नाराज
सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान के बयानों को लेकर भीमुस्लिमों में गुस्सा है। बसपा से तुर्क प्रत्याशी नेता छिद्दाके मैदान में आने के बाद हाजी रिजवान ने कहा था किनकली तुर्क हैं। वो तो झोझे हैं, हम उन्हें तुर्क नहीं मानते।असली तुर्क तो मैं ही हूं। उनके इस बयान से झोझे वोटर्समें नाराजगी बढ़ी।
इसके बाद रामवीर के साथ मुस्लिमों की भीड़ औरडिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के मुस्लिम सम्मेलन में उमड़ीमुस्लिमों की भीड़ को हाजी रिजवान ने बिकाऊ औरदलाल टाइप के मुसलमान कहा था। उनके इस बयान सेभी मुस्लिमों में हाजी रिजवान से नाराजगी बढ़ी है।
रिजवान ने बर्क का खुला विरोध किया, इसलिए दिल सेनहीं लगी बर्क की टीम
संभल और मुरादाबाद से सांसद रहे तुकों के सबसे बड़ेलीडर डॉ. शफीकुरहमान बर्क ने जब 2022 में अपनेपोते जियाउर्रहमान बर्क को कुंदरकी से सपा के टिकटपर चुनाव मैदान में उतारा तो हाजी रिजवान ने खुलीबगावत कर दी थी। तब हाजी रिजवान खुद बसपा सेचुनाव में उतरे थे। खुद की हार देख रिजवान ने 2022 में
चुनाव में उतरे थे। खुद की हार देख रिजवान ने 2022 मेंभाजपा को चुनाव लड़ाते नजर आए थे। उनके औऑडियोअब वायरल भी हो रहे हैं। जिनमें वो कह रहे थे किेसाइकिल के वोट को भाजपा पर धकेल दो, अब ये बर्कन जीतने पाए।
रिजवान ने उस समय ये भी कहा था कि अखेलेशयादव मुस्लिम लीडरशिप को खत्म करना चाहते हैं। वोमुस्लिमों के सगे नहीं हैं। रिजवान के बयान ही अब इसचुनाव में उनके गले की फांस बन रहे हैं।
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जलाभिषेक के बाद अब मुरादाबाद की कुंदरकी से B]Pप्रत्याशी रामवीर सिंह जालीदार टोपी पहने नजर अआए।शनिवार को कुंदकरी में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा कासम्मेलन था। इसमें भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय केलोग पहुंचे। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस दौरानमुस्लिम मतदाताओं ने मंच पर रामवीर को टोपी पहनाई।
मौ दीन पत्रकार रिपोर्टर भोजपुर जिला मुरादाबाद





