
पुराने यातायात पुल के नीचे दशकों से लोग अपने आशियाने बनकर रह रहे हैं जबकि इस पल को कोठी नंबर तीन में गहरी दरार आने के साथ ही पल के ऊपरी हिस्से का जोड़ में भी लगातार दूरी बढ़ती जा रही है जिससे यह हिस्सा भी खतरनाक स्थिति में पहुंच रहा है पुल के नीचे रहने वाले लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं लेकिन किसी भी जिम्मेदार की नजर इस और नहीं जा रही है अंग्रेजों के समय में बना यातायात पुल 3 साल पहले बंद कर दिया गया था पिछले मां 26 नवंबर को इस पुल की 9 व 10 नंबर कोठी के बीच का हिस्सा भरवारा कर गंगा में समा गया इसके बाद से यह पल और भी खतरनाक हो चुका है मौजूदा समय में शुक्लागंज चोर की कोठी संख्या तीन में बड़ी वह गहरी दरार आ चुकी है जिससे इस कोठी पर भी संकट मंडरा रहा है
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