

ब्रेकिंग न्यूज सहारनपुर, पॉपुलर के 300 पेड़ काटने को लेकर महिला का आरोप, SSP से लगाई न्याय की गुहार – थाना नहीं कर रहा कार्रवाई, शिकायत SSP तक पहुंची
रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़
जिला प्रभारी – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
संपर्क: 8217554083
सहारनपुर, 5 मई 2025:
थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव शकलापुरी से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने खेतों में लगे लगभग 300 पॉपुलर के पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप लगाते हुए SSP सहारनपुर से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि पुलिस थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टे मामला दबा दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमारी अंजुम पुत्री कादिर, निवासी ग्राम शकलापुरी ने अपने खेतों में खसरा संख्याएं 213, 242, 393 और 395 में लगभग चार साल पुराने 300 पॉपुलर के पेड़ लगाए थे। अंजुम का आरोप है कि विपक्षी शौकीन पुत्र शकील, जो उसी गांव का निवासी है, ने बिना किसी हक या स्वामित्व के उसके पेड़ अवैध रूप से लकड़ी कटाने वाले मजदूरों से कटवा दिए।
महिला को धमकाया, दी गालियां, जान बचाकर भागी
पीड़िता अंजुम ने बताया कि जब उसने पेड़ कटवाने से रोका तो शौकीन ने गाली-गलौच व मारपीट की धमकी दी। डर के चलते वह मौके से जान बचाकर भागी। इसके बाद उसने थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई।
थाना शांत, महिला ने शिकायत SSP तक पहुंचाई
थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी सहारनपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें न्याय की मांग की गई। अब पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को संबोधित कर FIR दर्ज कर विपक्षी पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
क्या कहती है कानून व्यवस्था?
बिना अनुमति या हक के किसी व्यक्ति द्वारा पेड़ काटना भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023)
⚖️ भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) के अंतर्गत लागू होने वाली धाराएं:
धारा 303 (पूर्व IPC 379) – चोरी
➤ बिना स्वामित्व के वस्तु (जैसे पेड़/लकड़ी) को हटाना।
➤ सजा: 3 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों।धारा 331 (पूर्व IPC 447) – आपराधिक अतिक्रमण
➤ खेत में जबरन घुसकर पेड़ काटना।
➤ सजा: 3 महीने तक कारावास या जुर्माना।धारा 324 (पूर्व IPC 427) – संपत्ति को नुकसान पहुंचाना (₹500 से अधिक)
➤ पेड़ों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना।
➤ सजा: 2 साल तक कारावास या जुर्माना।धारा 356 (पूर्व IPC 504) – जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करना
➤ गाली-गलौच, भड़काने वाली भाषा।
➤ सजा: 2 साल तक कारावास या जुर्माना।धारा 357 (पूर्व IPC 506) – आपराधिक धमकी
➤ जान से मारने या नुकसान पहुंचाने की धमकी।
➤ सजा: 7 साल तक कारावास, जुर्माना या दोनों।
सहित पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन माना जाता है। यदि SSP कार्यालय संज्ञान लेता है, तो इस पर सख्त कार्यवाही हो सकती है।
निष्कर्ष:
यह मामला महिलाओं की भूमि सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें SSP सहारनपुर पर टिकी हैं कि वे इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़
जिला प्रभारी – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
संपर्क: 8217554083






