
अशोका मे हुई न्यु बिजैन और प्रबधंन के बीच बैठक, 13 सूत्री मांगों पर हुई चर्चा।।
संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी
खलारी। अशोक परियोजना कार्यालय में मंगलवार को स्थानीय सीसीएल प्रबंधन और न्यु बिजैन के विस्थापित ग्रामीणों की एक आवश्यक बैठक संपन्न हुई।इस बैठक की अध्यक्षता परियोजना पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह और संचालन किसन अवस्थी ने किया।बैठक में न्यू बिजैन के विस्थापित ग्रामीणों के द्वारा पिपरवार एरिया प्रबंधन को पूर्व में सौंपे गए 13 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीणों के द्वारा मांग पत्र सौंपे जाने के बाद 23 मार्च 2025 को ग्रामीण और प्रबधंन के बीच वार्ता हुआ था,इसमें प्रबंधन के द्वारा सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन तीन महीना बीत जाने के बावजूद अभी तक प्रबंधन के द्वारा इस पर कोई पहल नहीं किया गया है।ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में मुख्य रूप से स्कूल के लिए भूमि उपलब्ध कराने,पूर्नवास स्थल देवी मंडप के समीप तालाब निर्माण एवं सुंदरीकरण,दशकर्मा शेड भवन निर्माण,अंचल अधिकारी टंडवा के द्वारा ग्राम सभा कराकर ग्राम बिजैन के लिए लंबित मामलों का निष्पादन करने,आरएंड आर साईट कल्याणपुर व कारो में बचे हुए रोड,नाली,बिजली का काम पूरा करने,सामुदायिक भवन और सिलाई सेंटर के लिए भवन बनाने,देवी देवताओं के जगह का सुंदरीकरण कराने,पुर्नवास स्थल मे स्वागत द्वार एवं आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भवन बनाने,ग्राम बिजैन मे बचे रैयतो के लंबित नौकरी, मुआवजा,पुनर्वास एवं भूमि के बदले एक मुश्त राशि और शिफ्टिंग चार्ज का भुगतान शीघ्र करने,सिदालु पुर्नवास स्थल मे रोड, नाली एवं सभी तरह के सुविधा मुहैया कराने,ग्राम बिजैन मे बचे हुए भूमि का सत्यापन कराने, पुर्नवास स्थल मे खाली बचे हुए भुमि मे फलदार पौधा लगाने की मांग की गई है। इधर बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्तर से लेकर मुख्यालय स्तर तक सभी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीण बाध्य होकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।बैठक मे मुख्य रूप से अशोक परियोजना पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह,किशन अवस्थी,मंगल सिंह के अलावा ग्रामीणो की ओर से रंथु गंझु,फकीरा गंझु,झरी राम,बाबुलाल राम,राहुल कुमार राम,सुरेन्द्र राम,सोनु कुमार गुप्ता,सुलेन्द्र राम, शिवम मुंडा,विकाश राम, दीपक राम सहित कई लोग मौजुद थे।





