
++++++++ नागपुर, 15 अक्टूबर बुधवार 2025 +++++
।।आप सभी को दिपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं ।।
दिपावली खुशियों का पर्व है। दिपावली पर लोग विशेष रूप मे धन समृद्धि सुख की कामना से लोग माता लक्ष्मी और नारायण की पूजा करतें । मिठाईयां आपस में एक दूसरे में बांटतें हैं खुशियां मनाते है। दिपावली पर खुशी में आतिशबाजी करते हैं पटाखे फोड़ते हैं। दिपावली पर अतिशबाजी पटाखों के धुआं से प्रदूषण भी होता है जिससे पर्यावरण दूषित होता है। अधिक तेज ध्वनि वाले पटाखों से सभी को हानि भी पहुंचती है। दिपावली पर खुशियों के साथ परेशानी का कारण बनता है, पटाखों के जलाने से उठने वाला धुआं जो कि प्रदूषण का कारक भी होता है। ऐसे में दिपावली पर खुशी कम न हो और पटाखों का आनंद भी ले सकें, इसका विकल्प है ग्रीन पटाखे। परंतु अधिकतर लोग जानकारी के अभाव में बाजार से कम गुणवत्ता वाले पटाखे ही खरीदते हैं और बाजार मे यही बिकता भी है। ग्रीन पटाखों की पहचान कर आप इन्हें दिपावली पर चलायेंगे तो पटाखों का आनंद भी कम नहीं होगा और पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होगा। असली ग्रीन पटाखों के पैक पर क्युआर कोड दर्ज रहता है, जिसे अपने मोबाईल फोन की मदद से स्कैन करने पर पटाखों की जानकारी प्राप्त होती है। जिन पटाखों पर क्युआर कोड अंकित नहीं होता वह नकली ग्रीन पटाखा हो सकता है। पटाखों के पैकेट पर केवल “ग्रीन” लिखा होना ही असली की गारंटी नहीं हो सकती। गुगल लैंस से पटाखों अंकित क्युआर कोड को स्कैन करने पर CSIR-NEERI का सर्टिफिकेशन दिखाई देगा, इसके लिंक के न खुलने या टेक्स्ट कुछ अजीब सा नजर आए तो यह ग्रीन नही नकली ग्रीन पटाखा हो सकता है। ग्रीन पटाखे सधारण बिकने वाले पटाखों से कम प्रदूषण फैलाने वाले होते हैं। ग्रीन पटाखे CSIR-NEERI, लायसेंस प्राप्त फैक्ट्रियों में ही तैयार किये जाते हैं। ग्रीन पटाखों में ऐसे रसायन केमिकल मिलाए जाते हैं जो कि साधारण पटाखों की तुलना में थुआं और आवाज दोनों ही कम देते है इनसे प्रदूषण कम होता है। ग्रीन पटाखों की बिक्री तथा इनका वितरण शासन के सीधी निगरानी में किए जाते हैं। बिना लायसेंस वाले पटाखे असली ग्रीन नहीं हो सकते । ऐसे पटाखे मानव के साथ पशूधन और पर्यावरण के लिए भी खतरनाक हो सकते है। बाजार में बिकने वाले असली ग्रीन पटाखों के पैकेज पर उनके निर्माण की तारीख, नाम पता लायसेंस नंबर आदि शुद्ध साफ अक्षरों में लिखा होगा, नकली ग्रीन पटाखों के पैकेट पर जानकारी अस्पष्ट अधूरी रहती है। असली ग्रीन पटाखों के पैक पर अंकित क्युआर कोड स्कैन करने पर न केवल प्रमाण बल्कि बैच संख्या, पाटाखे के निर्माण की तारीख , और इसकी वास्तविक कीमत भी स्पष्ट दिखाई देगी नकली साधारण पटाखों पर यह जानकारी नहीं होती है। मित्रों बंधुओं प्रकृति, पर्यावरण की सुरक्षा करना हमारा पहला धर्म एवं कर्तव्य भी है। दिपावली पर खुशी जरूर मनाएं मनाना भी चाहिए,त्योहार हमारे जीवन में खुशियां लेकर आते हैं। दिपावली पर ग्रीन पटाखों का ही उपयोग करें इससे खुशी आनंद के साथ साथ पर्यावरण की रक्षा में भी अपना योगदान दे सकते है। पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है जितना कि त्योहार पर एक दूसरे के साथ खुशी मानाना। आईये हम सब मिलकार “ग्रीन” दिपावली मनाएं।




