
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
भदोही। नगरिया ब्लॉक के हजारों निवेशक अपनी मेहनत की कमाई को वापस पाने के लिए अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। वर्षों पहले निवेश योजनाओं में पैसा लगाने वाले ये निवेशक अब अपनी जमा राशि की वापसी की मांग को लेकर 15 नवंबर को दिल्ली में विशाल प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी के अनुसार, नगरिया ब्लॉक के लगभग 41,218 निवेशकों ने विभिन्न कंपनियों में कुल 86 करोड़ 60 लाख 51 हजार 942 रुपये का निवेश किया था। इन कंपनियों ने निवेशकों को आकर्षक ब्याज दरों और बेहतर रिटर्न का लालच देकर राशि जमा कराई थी, लेकिन समय बीत जाने के बावजूद न तो ब्याज मिला और न ही मूलधन की वापसी हुई।
📍 निवेशकों की व्यथा
निवेशकों का कहना है कि उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई निवेशक अब आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर सरकार द्वारा 2019 में “बचत निवेशक संरक्षण अधिनियम” लागू किया गया था, जिसके तहत कंपनियों को निवेशकों की राशि 180 दिनों के भीतर लौटानी थी। लेकिन छह वर्ष बीत जाने के बाद भी इस कानून का पालन नहीं किया जा रहा है।
📍 आंदोलन की तैयारी
आक्रोशित निवेशकों ने अब राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। 15 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के निवेशक जुटेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री से सीधी मुलाकात करने की योजना है।
नगरिया ब्लॉक के निवेशक संघ के सदस्य मदन लाल साह ने बताया कि “हमारी मेहनत की पूंजी फंसी हुई है। सरकार ने आश्वासन तो दिया लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। अगर इस बार भी सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
📍 कौन-कौन होंगे शामिल
इस आंदोलन में नगरिया ब्लॉक के प्रमुख निवेशक चंदेलाल साह, सुकरुलाल साह, कैलाश साह, उमाशंकर साह, मंगलू रावत, रमेश्वर साह, महेंद्र चौहान, महेंद्र निषाद, रमेश साह, मनोज प्रजापति, चैतन्य निषाद, खेमन साह, सुनीता देवी, रोहित साह, प्रमोद विश्वकर्मा सहित सैकड़ों निवेशक भाग लेंगे।
📍 निवेशकों की मांग
1. सभी कंपनियों से निवेशकों की जमा राशि की शीघ्र वापसी।
2. बचत निवेशक संरक्षण अधिनियम 2019 का सख्ती से पालन।
3. धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई।
4. प्रभावित निवेशकों को अंतरिम राहत राशि प्रदान की जाए।
📍 प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
निवेशकों ने कहा कि यदि शासन और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो हजारों परिवार आर्थिक संकट में न पड़ते। अब वे किसी भी कीमत पर अपनी राशि की वापसी से पीछे नहीं हटेंगे।
नगरिया ब्लॉक के निवेशकों का यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है, और यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो आने वाले समय में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
(रिपोर्ट – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ संवाददाता)



