
दरभंगा, 10 जनवरी 2026:
प्रेक्षागृह दरभंगा में उर्दू भाषा के विकास और संरक्षण को समर्पित फ़रोग़-ए-उर्दू सेमिनार एवं मुशायरा कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय पटना एवं जिला प्रशासन दरभंगा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। आयोजन का उद्घाटन जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार, उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल, प्रभारी पदाधिकारी जिला उर्दू कोषांग श्री आनंद कुमार, सीएम कॉलेज दरभंगा के प्राचार्य प्रो. मुश्ताक अहमद, मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी दरभंगा के प्रो. फ़ैज़ अहमद तथा डॉ. मंजर सुलेमान द्वारा संयुक्त रूप से शमा रौशन कर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला उर्दू नामा का विधिवत विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने उर्दू भाषा प्रेमियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उर्दू भाषा की जीवंत परंपरा का उत्सव है, जो प्रेम, सौहार्द और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि उर्दू बिहार की द्वितीय राज्य भाषा होने के साथ-साथ साझा तहज़ीब की मधुर पहचान है और इसके विकास के लिए बिहार सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने दरभंगा को उर्दू अदब, शायरी और तहज़ीब का ऐतिहासिक केंद्र बताते हुए कहा कि यहां उर्दू प्रेमियों की बड़ी संख्या है, जो इस भाषा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। कार्यक्रम में उर्दू के विशिष्ट विद्वानों, डेलिगेट्स, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने अपने व्याख्यान और प्रस्तुतियों से आयोजन को गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मो. जसीमुद्दीन, उर्दू अनुवादक जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा किया गया।




















