

बलौदा बाजार। पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर पूरी तरह शिवमय हो उठा। श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर वातावरण में हजारों भक्तों ने भगवान शिव की आराधना करते हुए धूमधाम से पर्व मनाया। सुबह से ही मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलता रहा।
गौरव पथ बना आस्था का केंद्र
शाम ढलते ही शहर के गौरव पथ पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। भगवान शिव महादेव की सुसज्जित भव्य प्रतिमा को आकर्षक रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। रंग-बिरंगी रोशनी, ढोल-नगाड़ों की गूंज, डीजे पर बजते शिव भजनों और “बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगलगीत गाए, वहीं युवाओं की टोली शिव तांडव स्तोत्र और भजनों पर झूमती रही। छोटे-छोटे बच्चों ने भी शिव, पार्वती, गणेश और नंदी का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया।
भक्ति और उल्लास का संगम
पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन व स्वयंसेवकों की टीम मुस्तैद रही, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
आध्यात्मिक संदेश
महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और साधना का अवसर है। भक्तों का मानना है कि इस दिन विधि-विधान से पूजन करने पर भगवान शिव विशेष कृपा बरसाते हैं। शहरवासियों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराएं समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का माध्यम हैं।
रात्रि में महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। दीपों की रोशनी और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।
इस प्रकार बलौदा बाजार में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया। “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ भक्तों ने भगवान शिव से सुख-शांति और समृद्धि की कामना




