
सतना : स्लीमनाबाद टनल परियोजना का पूर्ण होना केवल एक निर्माण कार्य की उपलब्धि नहीं, बल्कि विंध्य की जनता के दशकों पुराने सपनों के साकार होने का ऐतिहासिक क्षण है। यह सफलता उस दूरदर्शी नेतृत्व, अटूट संकल्प और निरंतर संघर्ष का परिणाम है, जिसकी नींव 21 जुलाई 2008 को तत्कालीन नर्मदा घाटी विकास मंत्री एवं वर्तमान नागौद विधायक माननीय श्री नागेन्द्र सिंह जूदेव जी ने रखी थी।
मंत्री रहते हुए उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना को आकार दिया, उसका प्रस्ताव तैयार कराया, आवश्यक स्वीकृतियाँ दिलाईं और इसे धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास किए। परियोजना के दौरान आने वाली तकनीकी चुनौतियों के समाधान हेतु उन्होंने देश के प्रमुख विशेषज्ञों और अभियंताओं के साथ कई दौर की समीक्षा की। समय-समय पर मुख्यमंत्री से आग्रह कर इस परियोजना को प्राथमिकता दिलाने का अथक प्रयास किया।
यह संघर्ष केवल प्रशासनिक नहीं था, बल्कि उनके जीवन का एक भावनात्मक संकल्प भी था। वर्ष 2008 से लेकर 2022 तक हर चुनाव में जब वे जनता के बीच जाते थे, तब उनके मन में एक ही कसक रहती थी कि अभी तक बरगी का पानी विंध्य की धरती तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कई बार अपने निकट सहयोगियों से यह भाव व्यक्त किया कि यदि जनता से किया यह वादा पूरा नहीं हुआ तो वे चुनाव लड़ने की स्थिति में स्वयं को नहीं पाएंगे।
राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलीं। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा और पार्टी के निर्देश पर खजुराहो लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। उस समय भी पार्टी नेतृत्व ने उन्हें विश्वास दिलाया कि बरगी का पानी विंध्य तक अवश्य पहुंचेगा और उनका वर्षों पुराना संकल्प अवश्य पूरा होगा। उन्होंने भी उसी विश्वास के साथ जनता के बीच जाकर इस स्वप्न को जीवित रखा।
आज जब स्लीमनाबाद टनल परियोजना पूर्ण होकर मूर्त रूप ले चुकी है, तब यह केवल एक परियोजना की सफलता नहीं, बल्कि माननीय श्री नागेन्द्र सिंह जूदेव जी के धैर्य, दूरदर्शिता, जनसेवा के प्रति समर्पण और विंध्य के विकास के लिए किए गए निरंतर संघर्ष की ऐतिहासिक विजय है।
विंध्य की समृद्धि, किसानों के उज्ज्वल भविष्य, सिंचाई के विस्तार और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में यह मील का पत्थर आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।
विंध्य की जनता की ओर से माननीय श्री नागेन्द्र सिंह जूदेव जी के प्रति हार्दिक आभार एवं अभिनंदन।
आपकी दूरदर्शी सोच, अथक परिश्रम और जनहित के प्रति समर्पण ने विंध्य के विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। यह उपलब्धि सदैव आपके संकल्प, संघर्ष और सेवा की प्रेरक पहचान बनी रहेगी।



