शिक्षा के मंदिर के पास गैरकानूनी कारोबार: कब जागेगी प्रशासन की नींद?
विद्यालय जैसी पवित्र जगह के पास अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे वहां पढ़ने वाले मासूम बच्चों और स्थानीय समाज पर इसका कितना बुरा असर पड़ रहा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
अजीत मिश्रा (खोजी)
स्कूल के पास कच्ची शराब के अड्डे पर हंगामा, बकाया मांगने पर युवक की पिटाई और पुलिस से झड़प
- स्कूल के पास शराब के अड्डे पर हुआ हंगामा
- बकाया रकम मांगने पहुंचे युवक के साथ मारपीट, पुलिस से झड़प
- विक्रमजोत चौकी क्षेत्र के बाघानाला गांव की घटना
विक्रमजोत (बस्ती)। छावनी थाना क्षेत्र के बाघानाला गांव में परिषदीय विद्यालय के समीप संचालित कच्ची शराब के एक अड्डे पर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। बकाया रकम मांगने पहुंचे एक युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बीच-बचाव करना चाहा तो स्थिति और बिगड़ गई, और इस दौरान पुलिसकर्मियों से भी झड़प हो गई।बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र अंतर्गत विक्रमजोत चौकी क्षेत्र के बाघानाला गांव से जो तस्वीर सामने आई है, वह बेहद शर्मनाक और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है। एक परिषदीय विद्यालय के ठीक समीप सरेआम अवैध कच्ची शराब का अड्डा चलना और विरोध करने या बकाया मांगने पर दबंगई व मारपीट होना इस बात का प्रमाण है कि तस्करों केौसले कितने बुलंद हैं।
मुख्य बिंदु:
सूत्रों के अनुसार, टिकरिया निवासी रोहित सिंह बाघानाला गांव में एक युवक से अपनी बकाया रकम मांगने गए थे। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर कच्ची शराब बेचने वाले के परिवार ने रोहित के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर विक्रमजोत चौकी से उपनिरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) विक्रमजोत पहुंचाया।
घटना के बाद मुख्य आरोपी अवैध कच्ची विक्रेता गोलही निषाद मौके से फरार हो गया। छावनी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- कानून का खौफ गायब: विद्यालय जैसी पवित्र जगह के पास अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे वहां पढ़ने वाले मासूम बच्चों और स्थानीय समाज पर इसका कितना बुरा असर पड़ रहा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.
- खाकी से उलझने का दुस्साहस: स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी हाथापाई और झड़प की खबरें सामने आती हैं, हालांकि थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के घायल होने से इनकार किया है, लेकिन यह घटना कानून के इकबाल पर बड़ा धब्बा है।
- कार्रवाई के नाम पर लीपापोती: मुख्य आरोपी गोलही निषाद मौके से फरार होने में कामयाब रहा और पुलिस आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर ‘तहरीर न मिलने’ का रटा-रटाया बयान देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की जा रही है।
सवाल जो जनता के जेहन में हैं:
- आखिर स्कूलों के पास इस तरह के अवैध अड्डों को स्थानीय स्तर पर किसकी शह मिल रही थी?
- क्या पुलिस तब तक किसी बड़ी घटना का इंतजार करती रहेगी जब तक कोई अनहोनी न हो जाए?
- अवैध शराब के कारोबारियों के दिलों में कानून का डर दोबारा कैसे कायम होगा?
यह समय सिर्फ एक आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर इतिश्री कर लेने का नहीं, बल्कि छावनी थाना क्षेत्र और विक्रमजोत चौकी के अंतर्गत चल रहे ऐसे तमाम अवैध मयखानों को जड़ से उखाड़ फेंकने का है। जब तक प्रशासन सख्त और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक ऐसे दबंगों के हौसले पस्त नहीं होंगे।
इस संबंध में थाना प्रभारी छावनी ने बताया कि पुलिस को इस मामले में कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है, लेकिन सूचना मिलते ही चौकी पुलिस मौके पर भेज दी गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस झड़प में कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है। शिक्षा के मंदिर के पास इस प्रकार के अवैध कारोबार और हंगामे को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

















