मध्यप्रदेशसिंगरौली

सिंगरौली: कलेक्टर की अभिनव पहल का विस्तार: बरगवां एवं चितरंगी के विद्यालयों में भी स्थापित हुए आधुनिक प्रोफेशनल टेलीस्कोप।

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सिंगरौली: कलेक्टर की अभिनव पहल का विस्तार: बरगवां एवं चितरंगी के विद्यालयों में भी स्थापित हुए आधुनिक प्रोफेशनल टेलीस्कोप।

 

कन्या शिक्षा परिसर बरगवां एवं संदीपनि विद्यालय चितरंगी के छात्र-छात्राएं भी करेंगे अंतरिक्ष का प्रत्यक्ष अवलोकन।

 

सिंगरौली- कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अभिनव पहल से जिले में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा मिल रही है। उत्कृष्ट विद्यालय बैढ़न एवं कन्या विद्यालय बैढ़न में 10-इंच प्रोफेशनल डोबसोनियन टेलीस्कोप की स्थापना के बाद अब इस पहल का विस्तार करते हुए कन्या शिक्षा परिसर बरगवां तथा संदीपनि विद्यालय चितरंगी में भी आधुनिक प्रोफेशनल टेलीस्कोप स्थापित कर दिए गए हैं। इससे इन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी अंतरिक्ष विज्ञान का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा तथा उनकी वैज्ञानिक जिज्ञासा को नया आयाम मिलेगा।

 

कलेक्टर श्री गौरव बैनल के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान एवं खगोल विज्ञान से जोड़ना है। टेलीस्कोप के माध्यम से छात्र अब चंद्रमा के क्रेटर, शनि के वलय, बृहस्पति की पट्टियों सहित ओरियन नेबुला, प्लीएड्स जैसे गहरे आकाशीय पिंडों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकेंगे। इससे कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विज्ञान विषय को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा और विद्यार्थियों में अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित होगी।

 

उल्लेखनीय है कि 10 अप्रैल 2026 को उत्कृष्ट विद्यालय बैढ़न में इस अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया था। उसी अवसर पर कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने चितरंगी एवं देवसर विकासखंड के मॉडल विद्यालयों में भी टेलीस्कोप स्थापित किए जाने की घोषणा की थी। अब कन्या शिक्षा परिसर बरगवां एवं संदीपनि विद्यालय चितरंगी में टेलीस्कोप की स्थापना के साथ यह घोषणा साकार हो गई है।

यह पहल अडानी सीएसआर के सहयोग तथा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) के तकनीकी परामर्श एवं मार्गदर्शन से संचालित की जा रही है। संस्थान द्वारा टेलीस्कोप के संचालन एवं रखरखाव के साथ-साथ चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि विद्यालयों में नियमित रूप से खगोल विज्ञान संबंधी गतिविधियां संचालित हो सकें।

जिला प्रशासन का उद्देश्य आने वाले समय में जिले के अधिक से अधिक विद्यालयों तक इस सुविधा का विस्तार करना है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों से जुड़कर अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया को नजदीक से समझ सकें और विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकें।

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