
।। वंदेभारतलाइवटीव न्युज, बुधवार 29 जुलाई 2026 ।।

.–:: मध्यप्रदेश के धार्मिक नजरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन पहुंचतें हैंव श्रावण मास भगवान भोलेनाथ शिवजी की पूजा आराधना के लिए विशेष समय होता है। उज्जैन का बाबा महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों मे से एक है। श्रावण मास को लेकर देशभर के मंदिरों के साथ ही महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन मे भी श्रावण मास को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी है। इस वर्ष श्रावण मास के चार और भादों मास के दो सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी निकाली जायेगी । आईए जानतें हैं बाबा महाकालेश्वर मंदिर के भस्म आरती का समय, पट खुलने का और दर्शन का समय, वाहन पार्किंग आदि की जानकारी–:श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो रही है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। श्रावण मास और भादों मास में भगवान महाकाल की प्रथम सवारी 03 अगस्त 2026 सोमवार को निकलेगी, जबकि भादों मास मे अंतिम राजसी शाही सवारी 07 सितंबर 2026 को निकलेगी, श्रावण मास में चार और भादों में दो सवारियां निकाली जायेंगी। जानकारी अनुसार सवारी सायंकाल 04 बजे मंदिर प्रांगण से निकलेगी, करीब डेढ़ किमी.लंबी दूरी की यह सवारी सायंकाल 05 बजे रामघाट पर पहुंचेगी। यहां पर क्षिप्रा नदी से जलाभिषेक, पूजन, आरती ,के बाद वापस मंदिर के लिए सवारी प्रस्थान करेगी। सवारी सायंकाल 07 बजे मंदिर पहुंचेगी। मंदिर में भस्म आरती की व्यवस्था-: 30 जुलाई 2026 से 07 सितंबर 2026 तक विशेष व्यवस्था- सामान्य दिन- पट खुलेंगे सुबह 03बजे। सोमवार को पट खुलेंगे सुबह 02:30 बजे। भस्म आरती सुबह 2:30 बजे से सुबह 04:30 बजे तक । सामान्य दिन भस्म आरती सुबह 03बजे से सुबह 05बजै तक। 08 सितंबर 2026 से पहले जैसा सामान्य समय लागू होगा। श्रद्धालू भक्तजनों के लिए चलित आरती दर्शन की व्यवस्था- महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक के अनुसार- इस वर्ष सभी आरतियों में कार्तिक मंडप की पहली तीन पंक्तियों से भक्तजनों को चलित आरती के दर्शन करवाए जायेंगे, सभी सवारियों में जनजातीय सांस्कृतिक दल भी अपनी प्रस्तुति देंगे। भस्म आरती और मंदिर के पट खुलने के समय मे परिवर्तन- श्रावण और भादों मास में 30 जुलाई 2026 से 07 सितंबर 2026 तक बाबा महाकालेश्वर मंदिर के प्रातःकाल पट हर रोज सुबह 03 बजे से खुल जायेंगे। इस दौरान प्रत्येक सोमवार को पट सुबह 02:30 बजे खुलेंगे। भस्म आरती हर रोज सुबह 03बजे से 05 बजे तक होगी, श्रावण मास सोमवार को सुबह भस्म आरती 02:30 से सुबह 04:30 बजे तक होगी। 08 सितंबर 2026 को मंदिर के पट पहले जैसे अपने निर्धारित समय पर ही खुलेंगे। श्रावण- भादों में इस बार छह सवारी इस तरह से रहेगी- 03 अगस्त 2026 पहली सवारी, 10 अगस्त दूसरी सवारी, 17 अगस्त तीसरी सवारी, 24 अगस्त चौंथी सवारी, 31 अगस्त पांचवीं सवारी, और 07 सितंबर 2026 को अंतिम राजसी शाही सवारी । श्रद्धालुओं के समान्य दर्शन-: आम श्रद्धालु भक्तजनों के लिए दो अलग अलग द्वार से दर्शन की व्यवस्था की गई है। भक्तजन बाबा महाकाल मंदिर के सभामंडप व कार्तिकेय मंडपम में स्थापित जलपात्र के माध्यम से बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। सामान्य दर्शन व्यवस्था- श्रावण- भादों मास में त्रिवेणी संग्रहालय के नजदीक से नंदी द्वार, श्री महलोक , मानसरोवर भवन, फेसलिटी सेंटर 1, टनल मंदिर परिसर, कार्तिकेय मंडपम , गणेश मंडपम, से भगवान बाबा महाकालेश्वर के दर्शन भक्तजन कर सकेंगे। जानकारी अनुसार नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले भक्तजन मानसरोवर भवन मे प्रवेश कर फेसलिटी 1 सेंटर, टनल मंदिर परिसर, कार्तिकेय मंडपम, गणेश मंडपम, से दर्शन के बाद निर्माल्य द्वार या मवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर की ओर निकलेंगे।.मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए गेट नंबर 05 हरसिदध चौराहा, बैरिकेड मार्ग, विश्रामधाम , सभा मंडपम, गणेश मंडपम, भगवान महाकाल के दर्शन बाद निर्गम द्वार से बाहर निकल सकेंगे, गेट नंबर 01- विश्रामधाम , सभा मंडपम, गणेश मंडपम, भगवान महाकाल के दर्शन बाद निर्गम द्वार से बाहर निकल सकेंगे।.मंदिर परिसर में भक्तजनों के जूते-चप्पल रखने के लिए अलग अलग गेट पर व्यवस्था-: त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर, श्री बाबा महाकाल महालोक प्लाजा के पास, विक्रम टीला के नजदीक, गेट नंबर 1 पर स्टैंड, हरसिदध चौराहा के सामने, मानसरोवर भवन के सामने, नीलकंठ प्रवेश द्वार पर जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था बनाई गई है। श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों के लिए व्यवस्था-: कांवड़ यात्रियों के लिए जल अर्पण की व्यवस्था मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक। प्रवेश द्वार- गेट नंबर 1 और विशेष दर्शन मार्ग, शनिवार और सोमवार को अनूमति नही रहेगी। बाबा महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु भक्तजनों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था-: श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र के नजदीक रिक्त स्थान पर, मेघदूत वन पार्किंग, नीलकंठ पार्किंग, चारधाम पार्किंग, कर्कराज पार्किंग, कार्तिक मेला मैदान पार्किंग। ।। उज्जैन बाबा महाकालेश्वर मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब मंगलवार 28 जुलाई 2026 से भक्तजनों को दक्षिण भारतीय व्यंजन/ भोजन भी दिया जा रहा है। जानकारी अनुसार अब प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भक्तजनों को प्रसाद स्वरूप दक्षिण भारतीय व्यंजन दिया जाएगा। श्रावण मास मे बाबा महाकालेश्वर मंदिर मे आने वाले श्रद्धालु भक्तजनों को फलाहारी भोजन देने की व्यवस्था भी रहेगी।






