
उदयपुर मर्डर केस में बड़ा एक्शन: शव उठाने से पहले विवादित अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
उदयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में सेटबैक छोड़ने की बात को लेकर 3 युवकों ने अपने पड़ोसी बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना मंगलवार रात शहर के ओस्तवाल नगर की है।
रिपोर्ट: निशांत पंडित | उदयपुर | 29 जुलाई 2026
उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र स्थित सुंदरवास में बुजुर्ग सागरमल मेहता की हत्या के मामले में राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जनआक्रोश और जैन समाज की मांग के बाद उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने हत्या से जुड़े विवादित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि सागरमल मेहता और पड़ोसी के बीच मकान के सेटबैक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि नियमों के विरुद्ध निर्माण का विरोध करने पर मंगलवार रात प्रवीण सिंह आसोलिया और उसके साथियों ने सागरमल मेहता के साथ मारपीट की। गंभीर रूप से घायल मेहता की उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद जैन समाज और मृतक के परिजनों ने एमबी अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी हो और विवादित अवैध निर्माण हटाया जाए। विरोध के दौरान उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन भी समझाइश के लिए पहुंचे, लेकिन आक्रोशित लोगों ने उनकी बात नहीं मानी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यूडीए की टीम को मौके पर भेजा। बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। यूडीए के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित निर्माण के विरुद्ध पूर्व में भी शिकायतें मिली थीं और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस की टीमें लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही हैं।








