
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ;
शहर के मुंधडा हॉस्पिटल से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां इलाज के लिए भर्ती 9 महीने की गर्भवती महिला की इलाज के दौरान संदिग्ध मौत हो गई। मृतका की पहचान *पार्वती राजेंद्र गुप्ता (30 वर्ष), निवासी अष्टभुजा वार्ड, चंद्रपुर* के रूप में हुई है। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
परिजनों के अनुसार पार्वती गुप्ता पिछले कई महीनों से डॉ. ऋतुजा मुंधडा के पास ही नियमित जांच करा रही थीं। दो दिन पहले ही उन्हें डिलीवरी के लिए मुंधडा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ती देख मुंधडा अस्पताल प्रशासन ने उन्हें तुरंत शहर के ‘CHL’ अस्पताल में रेफर कर दिया। लेकिन CHL में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का हंगामा, पुलिस मौके पर
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। उनका आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही जच्चा-बच्चा दोनों की जान गई है। सूचना पर रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
रामनगर थाने की निरीक्षक प्रभावती एकुरके ने बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड कमेटी का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल रामनगर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है कि यह मेडिकल लापरवाही है या कोई अन्य तकनीकी कारण।







