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बिहार में आपकी जमीन दूसरे की ना हो जाए, भूमि सर्वे में बरते कुछ सावधानियां।

बिहार लैंड सर्वे : बिहार में जमीन सर्वे (बिहार जमीन सर्वे ) का काम जारी है. लंबे अंतराल के बाद हो रहे भूमि सर्वेक्षण के दौरान रैयतों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि उनकी जमीन का सही तरीके से सर्वेक्षण हो सके. प्रपत्र भरने के दौरान रैयतों की थोड़ी-सी चूक के कारण उनकी जमीन बेदखल हो सकती है. इसलिए, भूमि मालिक पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही संबंधित प्रपत्र भरना शुरू करें. रोहतास जिले में भी इसकी प्रक्रिया चल रही है. इस दौरान जिले के सभी अंचलों में पहले चरण का कार्य चल रहा है. इसमें रैयतों को जागरूक करते हुए उन्हें सावधानीपूर्वक प्रपत्र भरने की जानकारी दी जा रही है. इसकी जानकारी कोचस अंचल शिविर प्रभारी सह सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी अंकिता ने दी.

जमीन मालिकों को किया गया सतर्क
सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि सर्वे के दौरान जमीन मालिक सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी जमीन सर्वेक्षण में सही तरीके से दर्ज हो. यदि सर्वेक्षण में कोई गलती हो जाती है, तो रैयतों के पास गजट प्रकाशन से पहले तीन बार आपत्ति दर्ज करने का अवसर है. इसमें वह अपनी जमीन से संबंधित गलतियों में सुधार करा सकते हैं. लेकिन, एक बार अंतिम प्रकाशन हो जाने के बाद सुधार की संभावना काफी कम हो जाती है.

प्रपत्र 2 में रैयतों को क्या करना है?
एएसओ ने बताया कि विभिन्न गांवों में आमसभा के माध्यम से रैयतों को जानकारी दी जा रही है कि वे प्रपत्र 2 में स्वयं की घोषणा के साथ अपनी जमीन के खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी की जानकारी अंकित कर अपना हस्ताक्षर करते हुए इसे सर्वेक्षक के पास जमा करें.

दूसरे राज्य में रहते हैं तो क्या करें?
एएसओ ने बताया कि सर्वेक्षण को लेकर लोगों के बीच से एक बड़ी गलतफहमी सामने आ रही है कि जमीन सर्वे कराने के लिए या सर्वे के दौरान जमीन के पास रैयतों की उपस्थिति अनिवार्य है, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है और न ही सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश प्राप्त हुआ है. रैयतों की इस गलतफहमी को दूर करते हुए उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान संबंधित भूस्वामी को मौजूद रहने की अनिवार्यता नहीं है. अगर कोई व्यक्ति बाहर यानी दूसरे शहर या राज्य में रहते हैं, तो वे जमीन सर्वे से संबंधित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं. इसके लिए वह राजस्व व भूमि सुधार की बेवसाइट के अलावा भू-अभिलेख व परिमाप निदेशालय की बेवसाइट dlrs.bihar.gov.in पर पूरी प्रक्रिया को समझते हुए सर्वे में शामिल हो सकते हैं.

स्थायी शिविर में जमा कर सकते हैं दस्तावेज
वहीं, अंचल के रैयतों की सुविधा के लिए प्रखंड के चितावं पंचायत सरकार भवन में एक स्थायी शिविर स्थापित किया गया है,जहां किसान या रैयत अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं. इधर, अंचल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अंचल के 14 हलकों के 184 मौजा में भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है. इसके लिए 34 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति राजस्व व भूमि सुधार विभाग द्वारा की गयी है. इसमें 30 अमीन, दो कानूनगो, दो लिपिक व एक एएसओ शामिल हैं. इसकी जानकारी अंचलाधिकारी विनीत व्यास ने दी.

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