
छत्तीसगढ़/कोरबा ब्यूरो; नगर निगम के वार्ड क्रमांक 56 सुराकछार बस्ती में लोगों की एकजुटता क्षेत्र के लिए मिसाल है। 10 साल पहले यहां के लोगों ने किसी भी परिवार में निधन होने पर राशि जुटाकर सहयोग करने का निर्णय लिया था। उसे आज भी निभा रहे हैं। इससे मृतक के परिवार को दशकर्म करने में कभी आर्थिक परेशानी नहीं होती।
इसमें कोई भेदभाव नहीं किया जाता। चाहे वह आर्थिक रूप से सक्षम या गरीब परिवार ही क्यों ना हो, सभी को एकसमान सहयोग करते हैं। सुराकछार में 106 परिवार निवासरत हैं। यह बस्ती पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के कोयलांचल में बसी हुई है। यहां एक दशक पहले I
दुःख की घड़ी में मदद कर एक-दूसरे की सहयोग की पहल आज भी कायम है। बस्ती में गठित समिति रजिस्टर मेंटेन कर जानकारी रखती है। बस्ती वासियों की यह पहल गरीब परिवारों के लिए बड़ा सहारा है। क्योंकि किसी के परिवार में निधन होने पर हर घर से आर्थिक रूप से मदद करने हाथ आगे बढ़ाते हैं। रजिस्टर में मदद,
करने वाले लोगों के नाम दर्ज रखे जाते हैं और जब कभी समिति की बैठक होती है तो आपस में जानकारी साझा करते हैं। बस्ती में किसी के घर में निधन होने पर शोक में डूबे परिवार का यहां के लोग सहारा बनते हैं। बस्ती के सभी लोग रुपए जुटाने के बाद शोकाकुल परिवार के घर में दशगात्र के पहले यह राशि दे देते,
हैं। ताकि यह राशि दुःख की घड़ी में शोक संतृप्त परिवार के काम आ सके। पिछले 10 साल से बस्तीवासी एक-दूसरे का सहयोग करते आ रहे हैं। सहयोग कर रहे लोगों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज होता है। एक-दूसरे के सहयोग की भावना से यह पहल शुरू हुई थी जो अब बस्तीवासियों की आपसी एकजुटता को भी कायम रखा है।
जानिए… बस्तीवासियों ने क्या कहा
आर्थिक चिंता कुछ हद तक होती है दूरः सत्यपाल
बस्ती के सत्यपाल सिंह तंवर ने बताया कि शोक में डूबे परिवार की बस्तीवासी रुपए इकट्ठा कर मदद करते हैं। दुःख की घड़ी में उनकी आर्थिक चिंता को कुछ हद तक दूर करने का यह प्रयास है। साथ ही इस तरह की पहल एक-दूसरे के – प्रति सहयोग रखने की भावना से की जाती है।
इसतरह की पहल में युवा पीढ़ी भी आगे आई: कंवर
बस्ती के ही सोमेश्वर कंवर ने बताया कि इस तरह की पहल में युवा पीढ़ी भी सहयोग कर रहा है। प्रियजन को खोने पर शोक का माहौल रहता है। इस दुःख की घड़ी में शोक के कार्यक्रम को निपटाने की चिंता भी रहती है। बस्तीवासियों के सहयोग से जुटाई आर्थिक राशि से परिवार को बड़ी मदद मिलती है।
सहयोग की भावना से एकजुटता को मिला बलः सूर्यदेव
– सुराकछार निवासी सूर्यदेव चौहान ने बताया कि एक-दूसरे का सहयोग करने की – भावना को मजबूत करने के साथ बस्तीवासियों के बीच एकजुटता को भी बल मिला है। शादी-विवाह की तैयारी के लिए लोगों को पर्याप्त समय मिलता है।













