फार्मासिस्ट पर अनुशासनिक व स्वीपर के निलंबन की कार्रवाई
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा का औचक निरीक्षण किया।ओपीडी कक्ष, औषधि भंडारण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, दवा वितरण रजिस्टर की मांग और वितरण आदि को देखा और दवाओं का रख-रखाव ठीक नही पाया गया।उन्होंने चीफ फार्मासिस्ट चंद्रभान त्रिपाठी को कार्य की लापरवाही में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया। साथ ही चीफ फार्मासिस्ट से फोन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि अपने कार्य प्रणाली में सुधार लाए नही तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्वीपर की निलंबन की संस्तुति पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन को देखा। उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की शीघ्र सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराकर शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
उन्होंने इमरजेंसी कक्ष को देखा, जिसमें बेडशीट नही बदला गया था तथा सफाई व्यवस्था ठीक नही पाया गया। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बेडशीट को प्रतिदिन बदलने का निर्देश दिया।
इमरजेंसी कक्ष में एक बच्ची भर्ती थी जिसका इलाज चल रहा था उसके अभिभावक से बच्चे के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा प्रसव कक्ष, महिला वार्ड, लेबर रूम, ट्राई ऐज रूम (डिलेवरी कक्ष) प्रयोगशाला कक्ष, वैक्सीन के रख-रखाव एवं वितरण रजिस्टर को देखा गया।
वैक्सीन स्टाक रजिस्टर अपडेट नही पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी। इसके अलावा आपरेशन कक्ष को भी देखा गया। इसके साथ ही भर्ती मरीजों से वार्ता किया। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. संदीप द्विवेदी ने बताया कि सीएचसी पर कार्यरत स्वीपर कार्य नहीं करता है हीलाहवाली करके सफाई व्यवस्था सही ढंग से नहीं की जा रही है। जिस पर डीएम ने स्वीपर के निलंबन की कार्रवाई का निर्देश दिया।










