
केंद्र सरकार ने 01 अक्टूबर 2024 से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए न्युनतम मजदूरी की दरों मे बढ़ोतरी करने का निर्णय किया है। केंद्र सरकार ने मैन्यूफैक्चरिंग खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों मे काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की मजदरी बढ़ाने का फैसला किया है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई)मे 2•40 अंको की बढ़ोतरी हुई है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई से निपटने मे मजदूरों की सहायाता करेगी। संशोधन के बाद मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर मे काम करने वाले अकुशल श्रमिकों की न्युनतम मजदूरी 783रूपय प्रतिदिन 20,358 रू•महिने की होगी। अर्धकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 868रूपय प्रतिदिन, 22 568रूपय महिने की होगी। कुशल श्रमिकों और क्लर्कों और बिना हथियार वाले चौकीदारों के लिए 954रूपय प्रतिदिन, 24,804रूपय महिने की मजदूरी होगी। उच्च कुशल और हथियारों से लैस चौकीदारों के लिए 1,035रूपय, 26,910रूपय महिने की मजदूरी होगी। मजदूरोः की मजदूरी मे संशोधन वर्ष मे दो बार किया जाता है। यह संशोधन औद्योगिक श्रमिकों के लिए सीपीआई मे छह माह की औसत बढ़ोतरी पर आधारित होती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मजदूरों की नई संशोधित दरें 01 अक्टूबर 2024 से लागू की जायेगी। इसके पूर्व अप्रैल 2024 मे मजदूरी दरों मे बदलाव किया गया था। कौशल स्तर पर मजदूरों को अकुशल अर्धकुशल कुशल कुशल और अत्यधिक कुशल श्रेमी मे बांटा गया है। भौगोलिक क्षेत्रों को A, B, C, श्रेणी मे बांटा गया है। मजदूरो की न्युनतम मजदूरी उनके कौशल स्तर और भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर तय की गई है।




