

टीम इंडिया के लिए बेंगलुरु टेस्ट का दूसरा दिन बेहद शर्मनाक रहा। न्यूजीलैंड की घातक गेंदबाजी के आगे टीम इंडिया अपने ही घर में 46 रनों पर ढेर हो गई। इस तरह भारतीय टीम के नाम कई शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गए। टीम इंडिया अपनी पहली पारी में 31.2 ओवर में 46 रन पर सिमट गई जो घर में टेस्ट में उसका सबसे कम स्कोर है। यह पहली बार है कि घरेलू टेस्ट की पारी में भारतीय टीम 50 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय टीम का ये तीसरा सबसे कम स्कोर भी है।
टेस्ट में भारत का सबसे कम स्कोर
36 बनाम ऑस्ट्रेलिया, एडिलेड, 2020
42 बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स, 1974
46 बनाम न्यूजीलैंड, बेंगलुरु, 2024
58 बनाम ऑस्ट्रेलिया, ब्रिस्बेन, 1947
58 बनाम इंग्लैंड, मैनचेस्टर, 1952
66 बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 1996
67 बनाम ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न, 1948
भारत की आधी टीम अपना खाता भी नहीं खोल पाई यानी पांच बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। विराट कोहली, सरफराज खान, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और आर अश्विन डक पर आउट हुए। इस तरह भारतीय टीम ने 136 साल पुराने शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। दरअसल, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब शीर्ष आठ बल्लेबाजों में से 5 टेस्ट पारी में डक पर पवेलियन लौटे। साल 1888 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने साल 1888 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ ये शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया था। तब ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 70 रन पर ढेर हो गई थी और उसके शीर्ष आठ बल्लेबाजों में से 5 खाता भी नहीं खोल पाए थे।
न्यूजीलैंड की ठोस शुरूआत
भारत को पहली पारी में 46 रन पर समेटने के बाद न्यूजीलैंड ने वर्षाबाधित पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन तीन विकेट पर 180 रन बना लिए थे। खराब रोशनी के कारण दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के समय रचिन रविंद्र 22 और डेरिल मिचेल 14 रन बनाकर खेल रहे थे। न्यूजीलैंड के पास अब 134 रन की बढ़त हो गई है। दूसरे दिन आर अश्विन, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के हाथ 1-1 सफलता लगी।






