
। संभल हिंसा में सपा सांसद शफीक्रहमान बर्क और पूर्वमंत्री व संभल के विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटेका नाम शामिल हो सकता है। इन दोनों के पिछले 7दिन में दिए गए बयानों को उच्च स्तरीय टीम स्टडी कररही है। हिसा की जड़ में सपा सांसद बर्क के उस बयानको माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि, आओऔर मस्जिद को प्रोटेक्ट करो।
इसके साथ ही हिंसा की एफआईआर में मस्जिद के ढांचेको बदले जाने के संबंध में भी कुछ लोगों पर मुकदमाहो सकता है। संभल की शाही जामा मस्जिद ASIप्रोटेक्टेड इमारत थी। जिसके ढांचे से किसी भी तरह कीछेड़छाड़ करने पर प्रतिबंध था। एक सीनियर अधिकारीने कहा कि कुछ समय पूर्व एएसआई का बोर्ड वहां सेउखाड़कर पेंक दिया गया। इसके बाद इसके ढांचे में कईबदलाव किए गए।एक अधिकारी ने से कहा, इस छेड़छाड़के मामले में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने कानहीं बल्कि एएसआई प्रोटेक्टेड इमारत होने की वजह सेदेश की संपत्ति को छति पहुंचाने का मामला दर्ज होगा।इसके अलावा संभल की शाही जामा मस्जिद, जिसे हिंदूपक्ष हरिहर मंदिर होने का दावा करता है, उसकी बाउंडीपर कुछ नारे बार कोड के साथ लिखे थे। इन्हें यहांचिपकाने वालों पर भी मुकदमा होगा। पुलिस प्रशासनका मानना है कि इन नारों ने भीड़ को भड़काने का कामकिया है।
एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस प्रशासन केसीनियर अधिकारी हरेक चीज का बारीकी से परीक्षणकर रहे हैं। लेकिन इतना तय माना जा रहा है किे इसएफआईआर में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, उनकेपिता ममलूकुर्रहमान बर्क और संभल विधायक व पूर्वमंत्री इकबाल महमूद के बेटे समेत कई सियासी लोगोंके नाम शामिल हो सकते हैं। एक अधिकारी ने दैनिकभास्कर से कहा- संभल हिसा अचानक से भड़का बवालनहीं है। बल्कि ये सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।मुस्लिम पक्ष में सुबह से ही ये बातें तैरने लगी थीं किआज शहर में कप्र्यू लग सकता है। यानी उन्हें हिंसा केबारे में पूर्व सूचनाएं थीं। । एफआईआर ड्राफ्ट कर रही टीम सांसद बर्क की उसक्लिक को स्टडी कर रही है, जिसमें उन्होंने कहा थाकि मस्जिद कयामत तक रहेगी। आप आगे आइए औरमस्जिद को प्रोटेक्ट कीजिए।
पुलिस इस बात की भी छानबीन करेगी कि इस इमारतसे ASI का बोर्ड किसने उतारकर फेंक दिया। एकअधिकारी ने कहा, बोर्ड उखाड़कर ढांचे को बदल देना,देश की संपदा को नुकसान पहुंचाना माना जाएगा।कानून कहता है कि यदि कोई मनुष्य इस इमारत कोहानि पहुंचाता है ता प्राचीन काल की इमारतों की रक्षाकरने वाले कानून के तहत उसे जेल और अर्थदंड दोनोंसे दंडित किया जा सकता है।मौ दीन पत्रकार रिपोर्टर भोजपुर जिला मुरादाबाद



