

सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग में आज स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए नवीन उद्यम एवं स्टार्टअप प्रारंभ करने तथा खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से अल्पावधि रोजगार एवं स्वरोजगार उन्मुखी, जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट तथा उद्यानिकी पर आधारित प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज दुबे, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, सागर संभाग, डॉ. भावना यादव, विशेष कर्तव्यस्थ्य अधिकारी, डॉ. सरोज गुप्ता, प्राचार्य शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय सागर पी. एस. बड़ोले, उपसंचालक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग सागर के विशिष्ट आतिथ्य में 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ ।कार्यक्रम का शुभारंभ एम.ए. की छात्रा प्रतिभा मौर्य द्वारा सरस्वती वंदना एवं अजय तथा विकास अहिरवार द्वारा स्वागत गीत से हुआ । अतिथियों के स्वागत पश्चात महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ. ए. सी. जैन ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियां को परम्परागत खेती तथा प्राकृतिक रूप से की जाने वाली खेती के प्रति समझ विकसित करने तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ – साथ इस पर आधारित उद्यम स्थापित करने पर शासन से प्राप्त होने वाले लाभ से अवगत कराना है एवं स्वास्थ्य अनुकूल फसलों के उत्पादन तथा रासायनिक मुक्त कृषि का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेन्ट ऑफिसर आर. सी. प्रजापति ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग की स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत महाविद्यालय में चयनित 60 विद्यार्थियों के लिए कराया गया । जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र से डॉ. आशीष त्रिपाठी (वरिष्ठ वैज्ञानिक) जैवित खेती की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में अवगत कराया । प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. के. एस.यादव द्वारा प्राकृतिक खेती का महत्व एवं उसको करने की सम्पूर्ण विधियां बताई कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम सहायक मयंक मेहरा ने वर्मी कम्पोस्ट तथा प्राकृतिक रूप से फल एवं सब्जी परिरक्षण पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया । सेवा निवृत्त वरिष्ठ कृषि उद्यान अधिकारी राजेश कुमार मिश्रा द्वारा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रशिक्षण खाद्य उत्पाद एवं फल फूल एवं औषधीय पौधो की खेती और उनसे प्राप्त होने वाले अन्य लाभो के बारे में बताया । सुश्री अंजली मिश्रा ने डिजिटल मार्केटिंग डॉ. अनामिका दुबे ने सोयाबीन आधारित खाद्य उत्पाद तथा उद्यान अधीक्षक रहली लोकेन्द्र सिंह राजपूत ने शासन की विभिन्न अनुदान योजनाओं तथा सूक्ष्म गृह उद्योग स्थापन में आवश्यक सहयोग तथा मार्गदर्शन हेतु विभाग की योजनाओं की जानकारी दी । बुन्देलखण्ड में प्राकृतिक कृषि के माध्यम से नवाचार करने वाले युवा कृषक आकाश चौरसिया ने बहुस्तरीय कृषि तथ जल संरक्षण पर विद्यार्थियो को प्रशिक्षण प्रदान किया । जैविक फसलों से प्राप्त खाद्यान्न एवं उनसे निर्मित उत्पाद की विस्तृत जानकारी श्री राज नेमा द्वारा प्रदान की गयी । सैडमेप के जिला समन्वयक एन. एस. तोमर ने उद्यम स्थापित करने के लिए शासन की ऋण प्रदान करने वाली योजनाओं की जानकारी तथा उद्यमिता विकास से संबंधित प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. सरोज गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन काल में भारतीय कृषि अत्यंत समृद्ध हुआ करती थी । कालांतर में विभिन्न विसंगतियां एवं रासायनिक खाद के उपयोग से तथा अत्याधिक उत्पादन की लालसा से कृषि पर बढ़ता दवाब एवं रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से उत्पन्न विभिन्न बीमारियों से बचाव केवल जैविक खेती एवं परम्परागत खेती से ही संभव है ।डॉ. भावना यादव ने बताया कि यदि विद्यार्थी जैविक खेती एवं परम्परागत खेती के प्रति जागरूक होते तो निश्चित ही वे अपने परिवार तथा गॉव के लोगों को इस बारे में जागरूक कर सकेगें । विशिष्ट अतिथि पी. एस. बड़ोले ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाले जैविक बाजार तथा हाट बाजार में विद्यार्थियों को भ्रमण कराने तथा विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में यदि कोई उद्यम स्थापित किया जाता है तो विभाग हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा । मुख्य अतिथि डॉ नीरज दुबे अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा सागर संभाग के द्वारा समस्त प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये । मुख्य अतिथि डॉ. नीरज दुबे ने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत अधिकांशतरू विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से आते है, शिक्षा के क्षेत्र में बहुत से विद्यार्थी कृषि क्षेत्र में रोजगार अपनाने के लिए बहुत कम प्रेरित होते है । इस प्रकार के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को न केवल नवीन तकनीक नवाचार, नवाचार स्टार्टअप तथा उद्यम से बारे में जानकारी प्राप्त होती है वल्कि भविष्य में वैकल्पित रोजगार सृजित करते है । उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि महाविद्यालय ऐसे नए प्रशिक्षण प्रारंभ करे जिनसे कृषि आधारित उद्योग तथा रोजगार प्रारंभ किये जा सके । शासन विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा । कार्यक्रम के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा लगाई गयी फूड स्टाल एवं स्वनिर्मित उत्पाद की प्रदर्शिनी के माध्यम से अपने उद्यम को स्थापित करने के प्रति रूचि व्यक्त की । समस्त अतिथियों द्वारा स्टाल का अवलोकन कर विद्यार्थियों को अपने उत्पाद को बाजार अनुकूल तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी आरसी प्रजापति द्वारा किया गया एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ कमलेश दुबे द्वारा समस्त अतिथियों एवं सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ सहित 150 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।



