
जावरा—–शहर की अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन जो मानव से जुड़ी हर लाभकारी कल्यानकारी गतिविधियां आयोजित करती हैं बसंत ऋतु में प्रकृति भी अपना रूप रंग बदलती है मन में रंग उमंग की तरंगे उठती है। ऐसे में कवि मन और साहित्य में भावों की लहरें जो उठती है जो साहित्य का सृजन होता है वो मन को पुलकित करता है। ऐसे में संस्था द्वारा बसंत ऋतु में फाग काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमे श्री रमेश मनोहरा वीरेंद्र सिंह चौहान ओमप्रकाश शिकारी मनोहर सिंह चौहान मुन्ना पेंटर उपस्थित हुए।
मां सरस्वती की पूजा अर्चना के बाद मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की उसके बाद फागुन आयो रे गीत प्रस्तुत कर वाह वाही लूटी उसके बाद ओम प्रकाश शिकारी ने अपने जोशीले अंदाज में रचना पढ़ी रमेश मनोहरा जी ने व्यंग्य की पिचकारी छोड़ी।
संस्था के अध्यक्ष श्री अभय कोठारी जी ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन रमेश मनोहरा ने किया और आभार प्रकट किया श्री वीरेन्द्र सिंह चौहान ने।
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जावरा—–शहर की अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन जो मानव से जुड़ी हर लाभकारी कल्यानकारी गतिविधियां आयोजित करती हैं बसंत ऋतु में प्रकृति भी अपना रूप रंग बदलती है मन में रंग उमंग की तरंगे उठती है। ऐसे में कवि मन और साहित्य में भावों की लहरें जो उठती है जो साहित्य का सृजन होता है वो मन को पुलकित करता है। ऐसे में संस्था द्वारा बसंत ऋतु में फाग काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमे श्री रमेश मनोहरा वीरेंद्र सिंह चौहान ओमप्रकाश शिकारी मनोहर सिंह चौहान मुन्ना पेंटर उपस्थित हुए।



