
🟥 विशेष रिपोर्ट | गोरखपुर में पुलिस का खौफनाक चेहरा उजागर
बेलीपार थाने की वर्दी में बैठे ‘गुंडों’ ने दो मासूम युवकों को बेरहमी से पीटा – परीक्षा देकर लौट रहे थे छात्र
✍️ रिपोर्ट: वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ ब्यूरो
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश पुलिस की कथित ‘जनसेवा’ एक बार फिर कठघरे में है। गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र में पुलिसिया अत्याचार की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दो मासूम छात्र, जो परीक्षा देकर अपने घर लौट रहे थे, उन्हें कथित रूप से एक वैन (वैगनआर गाड़ी) से टक्कर मारकर रोका गया। जब छात्रों ने इसका विरोध किया, तो गाड़ी से उतरे लोगों ने न सिर्फ खुद को पुलिसकर्मी बताया बल्कि गाली-गलौज और थप्पड़ मारकर उनका आत्मसम्मान भी रौंद दिया।
🚨 थाने में घसीटकर ले गए, फिर शुरू हुआ बर्बर अत्याचार
पीड़ित युवकों को जबरन बेलीपार थाने ले जाया गया, जहां बिना किसी आरोप या FIR के उन्हें घंटों तक पीटा गया, धमकाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। ना कोई कानूनी प्रक्रिया, ना परिवार को सूचना – सीधे “ठोक दो” वाली मानसिकता।
इस पूरी घटना ने पुलिस पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है –
क्या उत्तर प्रदेश में कानून का शासन है या वर्दीधारी गुंडों का आतंक?
🧑🎓 छात्रों का कसूर क्या था? – “सिर्फ विरोध करना?”
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवक किसी प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होकर लौट रहे थे। वे मेहनती, सामान्य परिवारों से हैं। न कोई अपराधी पृष्ठभूमि, न कोई ग़लत इरादा – लेकिन सिर्फ इसलिए मारे गए क्योंकि उन्होंने खुद को रौबदार पुलिसकर्मियों की गाड़ी से ठोके जाने पर विरोध किया।
📣 जनता का आक्रोश – “यह पुलिस नहीं, अपराधी हैं!”
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बेलीपार थाना क्षेत्र में पहले भी पुलिसिया अत्याचार की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती होती है। इस बार जनता चुप नहीं है। पीड़ितों ने साफ कहा है कि वे FIR दर्ज करवाएंगे और NHRC व हाईकोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
⚖️ हमारी माँग:
दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल FIR दर्ज की जाए
उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की जाए
पीड़ित छात्रों को सुरक्षा और मुआवज़ा दिया जाए
बेलीपार थाना क्षेत्र की पुलिस कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की जाए
📢 समाज को जगना होगा
अगर मेहनती छात्रों, जो सिर्फ अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें पुलिस इस तरह बेरहमी से पीटेगी, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं – यह लोकतंत्र और संविधान पर हमला है। आज यह किसी और के साथ हुआ है, कल यह आपके साथ भी हो सकता है।
उठिए, आवाज़ उठाइए – अन्याय के खिलाफ एकजुट हो जाइए।
यह सिर्फ दो युवकों की लड़ाई नहीं, यह हर उस नागरिक की लड़ाई है जो न्याय में विश्वास करता है।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083


