
प्रयागराज में PET-2025 परीक्षा और सहारनपुर गुघाल मेला: प्रशासन की दोहरी चुनौती, DM-SSP की सख्ती और सक्रियता से बने विश्वास के हालात
PET-2025 परीक्षा और गुघाल मेला: उत्तर प्रदेश प्रशासन की दोहरी चुनौती, DM-SSP की सख्ती और सक्रियता से तैयारियों पर जनता को भरोसा
प्रयागराज/सहारनपुर। उत्तर प्रदेश इस समय दो अहम आयोजनों की गवाही दे रहा है—एक ओर प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी प्रारम्भिक पात्रता परीक्षा (PET)-2025 और दूसरी ओर सहारनपुर की सांस्कृतिक धरोहर माने जाने वाला ऐतिहासिक गुघाल मेला-2025। दोनों ही आयोजन प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं, लेकिन जिलाधिकारी (DM_SRR) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP_SRR) की सक्रियता और सख्ती ने लोगों के मन में यह भरोसा जगा दिया है कि परीक्षा भी नकलविहीन और शांति से सम्पन्न होगी और मेला भी पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उल्लास का केंद्र बनेगा। प्रयागराज में शनिवार को DM और SSP ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्र प्रभारियों से बातचीत की और सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास की व्यवस्था, बैठने की क्षमता, पेयजल और शौचालय, बिजली और पंखे, प्राथमिक चिकित्सा, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और मेटल डिटेक्टर तक की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर पूरी तरह से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रयागराज में इस बार 67 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ लगभग 96,480 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जबकि प्रदेशभर में 46 जिलों के 1479 परीक्षा केंद्रों पर 25 लाख से अधिक परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी—पहली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) की तैनाती की गई है और परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल के साथ-साथ 2958 सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। शासन की ओर से साफ निर्देश हैं कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने साफ कहा कि केंद्र प्रबंधक समय से पहले गेट खोलकर अभ्यर्थियों को व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिलवाएं और परीक्षा कक्षों में उचित शांति और अनुशासन बनाए रखें।
वहीं दूसरी ओर सहारनपुर में हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाला गुघाल मेला-2025 प्रशासन की दूसरी बड़ी परीक्षा है। सहारनपुर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को मेले के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मेले में बनाए गए अस्थायी पार्किंग स्थलों, प्रवेश और निकास द्वारों, स्टॉल, झूलों, मनोरंजन स्थलों और खाद्य दुकानों की बारीकी से जांच की। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने खास रणनीति तैयार की है। पार्किंग स्थलों को मेले से बाहर रखा गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवाएं चलाई जाएंगी। महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने मेले में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की व्यवस्था की है। खाद्य सुरक्षा विभाग को मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की फूड पॉइजनिंग या मिलावटी खाने की शिकायत न हो। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों से मेले की निगरानी की जाएगी और खुफिया विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। DM और SSP ने स्पष्ट कहा है कि अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी या असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग करने की कोशिश की जाती है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गुघाल मेला सहारनपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा हुआ है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके दौरान स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, खानपान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। प्रशासन इस बार खासकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। भीड़ में किसी तरह की भगदड़ की स्थिति न बने इसके लिए बैरिकेडिंग और मार्गदर्शन केंद्र बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं को हेल्पलाइन नंबर और शिकायत काउंटर भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत सहायता ले सकें। मेले में साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन दोनों आयोजनों पर DM और SSP ने मीडिया से संयुक्त रूप से बातचीत करते हुए कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रदेश की छवि को मजबूत करना और जनता को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी माहौल उपलब्ध कराना है। PET-2025 परीक्षा युवाओं के भविष्य की कसौटी है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। वहीं गुघाल मेला सहारनपुर की सांस्कृतिक धरोहर है और इसे शांति और श्रद्धा के माहौल में सम्पन्न कराना प्रशासन का कर्तव्य है। अधिकारियों ने जनता से अपील की कि वे प्रशासन के सहयोगी बनें, नियमों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
इस तरह एक ओर जहाँ लाखों परीक्षार्थी PET-2025 परीक्षा को लेकर पूरी उम्मीद और तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों श्रद्धालु गुघाल मेले की आस्था में डूबे हुए हैं। प्रशासन और पुलिस की तैयारी और सख्ती दोनों ही जगहों पर भरोसा जगा रही है कि इस बार न परीक्षा में नकल होगी और न मेले में अव्यवस्था, बल्कि उत्तर प्रदेश एक मिसाल पेश करेगा कि जब प्रशासन ईमानदारी और जिम्मेदारी से सक्रिय हो तो हर आयोजन सकुशल और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सकता है।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, समृद्ध भारत समाचार पत्र
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