
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। मादक पदार्थों की बिक्री कब लगेगा ब्रेक।।
बस्ती-यूपी
💫 पुलिसकर्मीयो की अफसरशाही,धड़ल्ले से बिक रहा गांजा,स्मैक।
सिपाहियो की अफसरशाही और मादक पदार्थों की बिक्री पर कब लगेगा ब्रेक? इन दिनों सिपाहियो की अफसरशाही आम जनमानस पर भारी पड़ती नजर आ रही है। यहां सिपाहियो की शह पर कारोबारी गांजा,स्मैक सहित मादक पदार्थों की धड़ल्ले से कर रहे हैं बिक्री। लेकिन उच्चाधिकारी कुंभकर्णी नीद से बाज नहीं आ रहे हैं, इससे लोगो में खासा आक्रोश व्याप्त है।
गौरतलब हो की पुलिस चौकी मादक पदार्थों की बिक्री और सिपाहियो की अफसरशाही के मामले में हमेशा सुर्खियों में रही है।यहां सिपाहियों की हुकमत और अवैध कारोबारों में संलिप्तता युवा पीढ़ी को बढ़ावा देने के साथ खाकी को दागदार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कभी अवैध कारोबार तो कभी चौकियों की कारखासी के लिए आए दिन जंग छिड़ी रहती है। पुलिसकर्मी ही कारोबारियों से अवैध कारोबार के रास्ते पर झाड़ू लगाने का काम कर रहे हैं,जिससे की बिक्री के रास्ते साफ रहे। क्षेत्र में गांजा,स्मैक, और कच्ची शराब की बिक्री इन दिनों खुलेआम की जा रही है। थाने के अगल बगल गांजा और स्मैक की पुड़िया खूब धड़ल्ले से बिक रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मी कारोबारियों से व्हाट्सएप कलिंग वार्ता कर रहे हैं। लगातार कारोबारियों के संपर्क में हैं। यही कारण है की ऐसे कई कारोबारी और माफिया है,जो पुलिस के संपर्क में रहकर आम जनमानस से वसूली के मशगूल हैं। इसकी विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशन होने के बाद भी उच्चाधिकारी अनजान बने हुए हैं।यही कारण है की अधिकारियों की उदासीनता और सिपाहियो की अफसरशाही आम जनमानस के लिए परेशानी का सबब बनकर रह गई है। पुलिस द्वारा अभियान चलाकर कई कारोबारियों पर कार्यवाही की गई थी,जिससे बिक्री पर रोक लगा,लेकिन कुछ सिपाहियो की शह पर फिर से बिक्री शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक बीते दिनों नकली तमंचे का एक मामला सामने आया। लेकिन मामला संज्ञान में होने के बाद भी अधिकारी नजर अंदाज कर सिपाहियो को बढ़ावा दे रहे हैं।















