
*अभी भी समय है दोस्तों किसी भी पार्टी के लिए रात दिन दौड़ने भागने से अच्छा है,,, परिवार को समय दो,, माता-पिता और बच्चों को समय दो,,, एक दिन यही आपका काम आएंगे,,,*
अगर जिंदा होते तो… ये सुनकर फिर मर जाते विजय भाई,,,,,की अंतिम संस्कार के खर्च का बिल ,,,पार्टी ने देने से मना कर दिया,,,,परिवार से वसूल किया गया,,,,,
यह बेशर्मी का चरम है। *गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की अहमदाबाद जहाज हादसे में मौत हो गई,,*
उनके अंतिम संस्कार में तकरीबन 25 लाख रुपए खर्च हुए। *लेकिन सबसे ज्यादा चंदा बटोरने वाली पार्टी के पास जब अंतिम संस्कार का बिल गया तो जवाब आया यह बिल हम नहीं देंगे उनके परिवार के पास भेज दो।*
अब परिवार कह रहा है कि विजय रूपाणी गुजरात के मुख्यमंत्री रहे,,, अपना पूरा जीवन भाजपा और समाज की सेवा को समर्पित किया था। ऐसे में उनकी अंतिम यात्रा का खर्च उठाने से पार्टी का पीछे हटना परिवार के लिए बेहद दुखद रहा।
परिवार का कहना है कि उन्हें पैसों की कमी नहीं है, लेकिन पार्टी का यह रवैया इंसानियत और सम्मान के नजरिए से ठीक नहीं माना जा सकता।








