
आई लव मुहम्मद’ अभियान को लेकर उपजे विवाद के बीच, प्रमुख मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद ने बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा खान और अन्य की गिरफ्तारी की रविवार को निंदा की और राजनीतिक मकसद के लिए सरकारी मशीनरी के “दुरुपयोग” का आरोप लगाया। संगठन ने यह भी दावा किया कि कानून व्यवस्था की चुनौतियों को “सांप्रदायिक ध्रुवीकरण” के अवसरों में बदला जा रहा है। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने बरेली में मौलाना खान
और अन्य की “अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी” की कड़ी निंदा की।
एक बयान में हुसैनी ने कहा, “बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा खान सहित कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी गंभीर चिंता का विषय है और यह दर्शाता है कि सांप्रदायिक राजनीति और घृणा से प्रेरित शासन हमारे देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं।” जमात प्रमुख ने कहा कि जो बात श्रद्धा की अभिव्यक्ति “आई लव मुहम्मद” के नारे से शुरू हुई थी, उसे निंदनीय तरीके से लोक व्यवस्था के लिए खतरा बताया जाने लगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिकियों और व्यापक सामूहिक गिरफ्तारियों के माध्यम से आस्था की शांतिपूर्ण अभिपुष्टि को आपराधिक बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह भारत के सभ्यतागत लोकाचार पर एक अपमानजनक हमला है। उन्होंने कहा कि सदियों से भारत के लोग एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर रहते आए हैं। हुसैनी ने कहा, “यह अकल्पनीय है कि भक्ति की ऐसी अभिव्यक्ति समाज को ध्रुवीकृत कर सकती है, बल्कि, यह राजनीतिक शरारत है जिसने इस संकट को जन्म दिया है।“,,,,
