A2Z सभी खबर सभी जिले की

जीवन कौशल पाठ्यक्रम से बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास

#वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़#

उदयपुर ब्यूरो चीफ/लिम्बाराम उटेर# 

IMG 20251013 WA0040

कोटड़ा – जीवन में आगे बढ़ने और हर परिस्थिति का आत्मविश्वास से सामना करने के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सही सोच, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता भी जरूरी होती है। इसी को जीवन कौशल कहा जाता है। जीवन कौशल बच्चों और किशोरों को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और आत्मविश्वासी बनाता है। इससे वे अपनी भावनाओं को समझना, दूसरों से संवाद करना, समस्याओं का समाधान ढूंढना और सही निर्णय लेना सीखते हैं।

 

जीवन कौशल का प्रशिक्षण बच्चों को न केवल शिक्षा में बल्कि समाज में भी मजबूत बनाता है। यह उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है। इसलिए जीवन कौशल हर बच्चे के लिए उतना ही जरूरी है जितना नियमित शिक्षा।

 

कोटड़ा आदिवासी संस्थान और क्राई संस्थान के सयुंक्त तत्वाधान में आज 11 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के लिए ब्लॉक स्तरीय जीवन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में ब्लॉक के 6 पंचायतो के 14 गांवों से आए 47 बच्चों ने भाग लिया।

संसथान के सचिव बाबूलाल गमार ने कार्यक्रम की शुरुआत कर बच्चों को कोटडा में युवाओ की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया की हमे शिक्षा के साथ जीवन जीने के तरीको को समझना भुत जरूरी है जिससे आपकी पहचान बने और आप अच्छे नागरिक बन सके I

 

संसथान के अकादमिक समन्वयक होमाराम गरासिया द्वारा आज के कार्यक्रम के बारे में बताया गया जिसमे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना, टीम वर्क, संवाद कौशल और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था। टीम ने बच्चों को खेल, समूह चर्चा और गतिविधियों के माध्यम से जीवन कौशल की जानकारी दी।

 

क्षेत्रीय संगठक अन्नालाल खेर व गोपीलाल द्वारा मेरी पहचान – इस सत्र का उद्देश्य बच्चों को स्वयं की पहचान को समझने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने सपनों को पहचानने के लिए प्रेरित करना था।

 

सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने बच्चों को विभिन्न खेल, गतिविधियों और समूह चर्चा के माध्यम से यह समझाया कि हर व्यक्ति में विशेष गुण और क्षमताएँ होती हैं। बच्चों को अपनी रुचियों, पसंद-नापसंद और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में खुलकर बात करने का अवसर मिला।

क्षेत्रीय संगठक अजित कुमार, तेजराम, मेगना देवी, व देवीलाल द्वारा आत्म विश्वास – सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने बच्चों को विभिन्न गतिविधियों, खेलों और संवाद सत्रों के माध्यम से बताया कि आत्मविश्वास जीवन में सफलता की पहली सीढ़ी है। बच्चों को मंच पर बोलने, समूह में अपनी बात साझा करने और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

 

क्षेत्रीय संगठक लक्ष्मण लाल, हरमी कुमारी और प्रकाश चन्द्र द्वारा मौखिक स्म्प्रेक्ष्ण कोशल – सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने बच्चों को समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी, मंच पर बोलने और प्रस्तुति जैसी गतिविधियों के माध्यम से अभ्यास करवाया। बच्चों को यह भी बताया गया कि कैसे सरल और साफ शब्दों में अपनी बात को दूसरों तक पहुँचाया जाए।

 

संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के सत्र बच्चों को न केवल मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं बल्कि उनमें निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सत्र को बहुत प्रेरणादायक बताया।

 

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के कोषाध्यक्ष चंदुराम गरासिया, मोईन शेख, नरेश कुमार, जठीया राम, मोहन लाल, ममता देवी, प्रवीण कुमार, प्रतीक शर्मा ने भागीदारी की IIMG 20251013 WA0041

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!