उत्तर प्रदेशबस्ती

 बस्ती जनपद में मनरेगा घोटाला थमने का नाम नहीं ले रहा

जिम्मेदारों की मिलीभगत से खुलेआम ग्राम ढढौरा में चल रहा मनरेगा फर्जीवाड़ा

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। जिम्मेदारों की मिलीभगत से खुलेआम ग्राम ढढौरा में चल रहा मनरेगा फर्जीवाड़ा।।

 बस्ती ।। विकासखंड कुदरहा ग्राम पंचायत ढढौरा में पीडिया मंदिर के बगल में मिट्टी पटाई व अशोक के खेत से विश्वनाथ के खेत तक पटरी सफाई व निर्माण कार्य।

 बस्ती जनपद में मनरेगा घोटाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन मनरेगा भ्रष्टाचार की खबरें समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रही हैं। लेकिन मनरेगा के जनपदीय जिम्मेदार डीसी मनरेगा कुम्भकर्णी नींद में मस्त हैं। साहब को केवल अपने हिस्से की मलाई से मतलब है। अपना काम बनता है, तो भाड़ में जाए जनता। यह है मनरेगा के जिम्मेदारों की असली हकीकत। भ्रष्टाचार में कार्यवाही न करने की डीसी मनरेगा ने कसम खाया हो, ऐसा प्रतीत होता है।

मनरेगा योजना गरीबों के रोजगार के लिए बनाई गई है, लेकिन जनपद में यह योजना जिम्मेदारों के ऐशो-आराम की योजना बनकर रह गई है। पूरे जनपद में मनरेगा योजना में लूट मची है।

  प्राप्त समाचार के अनुसार कुदरहा विकासखंड के अन्तर्गत स्थित ग्राम पंचायत ढढौरा में मनरेगा हेरा-फेरी चल रहा है। पिडिया मंदिर के बगल में मिट्टी पटाई कार्य में लगे कुल मनरेगा मजदूरों की संख्या 39 मनरेगा मजदूर कार्य अवधि 11.11.2025 से 26.11.2025 तक है ।

(ख)अशोक के खेत से विश्वनाथ के खेत तक पटरी सफाई व निर्माण कार्य में लगे कुल मनरेगा मजदूरों की संख्या 39 कार्य अवधि 11.11.2025 से 26.11.2025 तक है।

लेकिन उपरोक्त मनरेगा मिट्टी निर्माण कार्य में मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति केवल कागजों में दर्ज हो रही है, जबकि धरातल पर मजदूर नहीं हैं। मीडियाकर्मियों को जब ग्राम पंचायत ढढौरा में मनरेगा भ्रष्टाचार की जानकारी मिली, तो वे ढढौरा पहुंचे। डिस्प्ले बोर्ड न लगे होने के कारणों से ग्रामीणों से पूछताछ करते हुए कार्य की साइडो पर पहुंचे, जहां किसी प्रकार का कोई मिट्टी पटाई कार्य वह सफाई कार्य नहीं हो रहा था कार्य में एक भी मजदूर काम करते नहीं मिले। जबकि उसी साइडो पर एक जगह 39 मनरेगा मजदूर तथा दूसरी जगह 39 मनरेगा मजदूर श्रमिकों की कागज में फर्जी उपस्थित दिखाया जा रहा है। प्रधान, रोजगार सेवक व सचिव ने मनरेगा का धन का बंदरबांट करने की तैयारी में हैं, जबकि अभी तक संदर्भित साइड पर कोई कार्य नहीं हुआ है। जबकि इससे स्पष्ट होता है कि जिम्मेदारों की प्राथमिकता भ्रष्टाचार है, न कि गरीबों के हित में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की और जिम्मेदारों को जवाबदेही साथ ही, गरीबों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए है अब देखना यह है कि जनपद में अपने आमद के समय से ही हनक बनाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके मुख्य विकास अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है।

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