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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास एवं ₹1000 जुर्माना

प्रथम अपर जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार शिवहरे का फैसला

सक्ती समाचार- अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि प्रार्थी दिलहरण उरांव ने थाना नगरदा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनांक 06.04.2025 को रात्रि में करीब 9 बजे वह खाना खाकर अपने कमरा मे परिवार सहित सोया था। तभी रात्रि करीब 11.40 बजे उसके पिता ठंडीराम उरांव ने उसे जगाकर बोला कि तेरी मां फूलेश्वरी बाई को हंसिया से मार दिया हूं, जो कमरा में पड़ी है और गली तरफ निकल गया। वह अपने माता-पिता वाले कमरे में जाकर देखा तो उसी मा फूलेश्वरी बाई जमीन में पड़ी थी तथा जिसके पीछे तरफ गले में चोट लगी थी और खून बह रहा था। प्रार्थी के द्वारा जानकारी दिये जाने पर उसके बहन दामाद दूजेराम उरांव, बहन श्रीमती दिलमति उरांव, पड़ोस के चाचा रामकुमार उरांव मौके पर पहुंचकर उसकी मां को देखे तथा ईलाज हेतु ले जाने के लिये गाड़ी मंगाकर कमरा से बाहर निकाले तब तक उसकी मां की मृत्यु हो गयी थी। प्राथी के पिता ठण्डीराम, उसकी मां फूलेश्वरी बाई की चरित्र पर शंका कर अक्सर लड़ाई झगड़ा विवाद करता था तथा उसी शंका के कारण ही ठंडीराम उरांव ने हत्या करने की नीयत से फूलेश्वरी बाई के गले में हसिया से गभीर वार कर उसकी हत्या किया है। उक्त सूचना के आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 103 (1) भारतीय न्याय सहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 32/2025 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गयी। विवेचना के दौरान अकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना पंजी मर्ग क्रमांक 09/2025 दर्ज कर पंचनामा कार्यवाही किया गया। घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया गया। गवाहों के कथन लेखबद्ध किये गये तथा जप्ती पत्रक के अनुसार जप्ती की कार्यवाही की गयी। पटवारी नक्शा तैयार कराया गया। अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया।

-अभियोजन की ओर से विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध में संलिप्त होना पाये जाने पर विवेचना उपरांत धारा 103 (1) भा०न्या०सं० के अंतर्गत अंतिम प्रतिवेदन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सक्ती के न्यायालय में पेश किया । जहां से कार्य विभाजन आदेशानुसार यह प्रकरण प्रथम अपर सत्र न्यायालय शक्ति में विचरण प्रारंभ किया गया अभियोजन द्वारा अपने पक्ष में 13 अभियोजन साक्ष्यों का कथन कराया गया संपूर्ण अभियोजन साक्ष्यों के कथनों अनुसार माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार शिवहरे ने अपने निर्णय दिनांक 19,03, 2026को आरोपी ठंडीराम उरांव पिता ज़िरकु राम उरांव उम्र 65 वर्ष सकिन कलमी भ।ट्ठा जांचुआ थाना नगरदा को बी एन एस की धारा 103(1) के अपराध में आजीवन कारावास एवं 1000/. रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया हैं। अभियोजन की ओर से श्री उदय कुमार वर्मा अतिरिक्त लाेक अभियोजक शक्ति ने पैरवी किया।

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