
#बाल_विवाह_मुक्त_भारत : भरतपुर जिले में नदबई कस्बे के महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र (थाना परिसर) में “100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूह की साथिनों द्वारा भाग लेकर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि कम उम्र में विवाह से बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होती है, स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है और उनका भविष्य सीमित हो जाता है साथ ही इसे समाज के समग्र विकास में बाधा भी बताया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा गया कि बाल विवाह करना और करवाना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं से अपील की गई कि कहीं भी ऐसी सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। कार्यक्रम के अंत में महिला सुरक्षा सलाह केंद्र में उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई। करीब 50 महिलाओं द्वारा एक स्वर में इस सामाजिक बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया गया।