

बलौदा बाजार, 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) — छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर गौ माता के सम्मान और संरक्षण को लेकर जनभावनाएं एक बार फिर मुखर हुईं। “गौ सम्मान आवाहन अभियान” के तहत आज बलौदा बाजार में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसके पश्चात सैकड़ों नागरिकों के समर्थन से तैयार ज्ञापन तहसीलदार महोदय को सौंपा गया।
इस अभियान में समाज के हर वर्ग—युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता—ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों ने हस्ताक्षर कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि गौ माता केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला भी हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन, जैविक खेती और ग्रामीण समृद्धि से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गौवंश की सुरक्षा के लिए कठोर कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन हो, गौशालाओं को पर्याप्त संसाधन मिलें और आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए स्थायी समाधान तैयार किए जाएं।
ज्ञापन सौंपते समय उपस्थित प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार महोदय को बताया कि यह हस्ताक्षर अभियान प्रदेशभर में जनजागरण का माध्यम बन रहा है, जिसमें हजारों लोग अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस जनभावना को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तर तक यह संदेश पहुंचाया जाए।
तहसीलदार महोदय ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि नागरिकों की भावनाओं और मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल की जाएगी।
इस पूरे आयोजन में एकता, समर्पण और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। लोगों के चेहरों पर गौ सेवा के प्रति समर्पण और संरक्षण की दृढ़ इच्छाशक्ति साफ झलक रही थी।





