

उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज मे अगर किसी एक नाम पर जनता आंख बंद करके भरोसा करती है, तो वो हैं —
डॉ. प्रशांत निरंजन
आज के दौर में जहां लोग डॉक्टरों पर सवाल उठाते नजर आते हैं, वहीं डॉ. प्रशांत निरंजन जी जैसे लोग इस पेशे की गरिमा और इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं।
रात के 2 बजे भी अगर किसी जरूरतमंद का फोन चला जाए, तो फोन जरूर उठता है और उधर से बड़ी अपनापन भरी आवाज आती है —
“हाँ छोटे भाई, बताओ…”
और सच मानिए, उस एक आवाज से ही मरीज और उसके परिवार को हिम्मत मिल जाती है।
इलाज तो बहुत लोग करते हैं, लेकिन मरीज और उसके परिजनों को सम्मान देना हर किसी के बस की बात नहीं होती।
डॉ. प्रशांत निरंजन जी ने हमेशा लोगों को सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि भरोसा और अपनापन भी दिया है। यही वजह है कि पूरे जनपद में उनकी पहचान एक नेकदिल और मददगार डॉक्टर के रूप में है।
मेडिकल परिसर में मीडिया हो, आम जनता हो या कोई गरीब जरूरतमंद — हर किसी ने उनके व्यवहार और सहयोग को महसूस किया है।
अगर मेडिकल व्यवस्था में काम करने वाले लोग उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली से थोड़ा भी सीख लें, तो कई विवाद और समस्याएं खुद खत्म हो जाएं।
मेरे लिए डॉ. प्रशांत निरंजन जी सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल हैं।
आपका व्यवहार, आपकी सादगी और लोगों के प्रति आपका समर्पण हमेशा प्रेरित करता रहेगा। 💐🙏
रिपोर्ट = हिमांशु सोनी जिला संवाददाता जालौन
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