नगर पंचायत कार्यालय बना अखाड़ा: 15वें वित्त के टेंडर के लिए EO पर दबंगों का जानलेवा हमला!
कानून का इकबाल खत्म? उसका बाजार में EO को पीटा, फाइलें लूटीं और दी जान से मारने की धमकी।
अजीत मिश्रा (खोजी)
गुंडागर्दी का नंगा नाच: नगर पंचायत कार्यालय में घुसकर EO को पीटा, टेंडर के लिए दी जान से मारने की धमकी
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
- गुंडागर्दी की हद: CCTV बंद कर EO को दफ्तर में घेरा, सरकारी टेंडर के लिए खुलेआम ‘धौंस’।
- सिद्धार्थनगर में लोक सेवकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: कार्यालय में घुसकर EO से मारपीट, रसूखदारों पर दर्ज हो FIR।
- टेंडर माफिया का दुस्साहस: जनगणना कार्य में बाधा और सरकारी फाइलें लूटना, क्या प्रशासन करेगा कड़ी कार्रवाई?
सिद्धार्थनगर: उसका बाजार नगर पंचायत कार्यालय में आज दिन-दहाड़े कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी गईं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) अभिनव श्रीवास्तव के साथ उनके ही कार्यालय में घुसकर दबंगों ने न केवल जमकर मारपीट की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। 15वें वित्त आयोग के टेंडर को हथियाने के लिए हुई इस हिंसक घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

CCTV बंद कर रची साजिश
पीड़ित EO अभिनव श्रीवास्तव द्वारा थाना उसका बाजार में दी गई तहरीर के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:20 बजे अभिषेक त्रिपाठी, उसका ड्राइवर अजय कुमार रावत, सुमित त्रिपाठी और 5-6 अन्य अज्ञात लोग हथियारबंद होकर दफ्तर में घुस आए। शातिर अपराधियों ने पहले सुनियोजित तरीके से कार्यालय में लगे CCTV कैमरे के साथ छेड़छाड़ कर उसे बंद कर दिया, ताकि उनकी गुंडागर्दी रिकॉर्ड न हो सके।
“टेंडर दो वरना जान से मार देंगे”
आरोप है कि हमलावरों ने EO पर दबाव बनाया कि वे सरकारी काम (जनगणना) छोड़कर तुरंत उन्हें 15वें वित्त आयोग का टेंडर सौंप दें। जब EO ने नियम विरुद्ध टेंडर देने से इनकार किया, तो दबंग आग-बबूला हो गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन पर टूट पड़े। कार्यालय के कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया, तो हमलावरों ने कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की और दफ्तर से कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें जबरन लूट ले गए।
शासन की नाक के नीचे बेलगाम दबंग
यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। एक लोक सेवक को उसके कार्यालय में घुसकर पीटना और सरकारी रिकॉर्ड लूट ले जाना सीधे तौर पर शासन-प्रशासन को चुनौती है।
EO ने पुलिस से मांगी सुरक्षा और कार्रवाई:
पीड़ित अधिकारी ने अभिषेक त्रिपाठी और उनके साथियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने, जातिसूचक शब्द बोलने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि क्या सिद्धार्थनगर पुलिस इन रसूखदार दबंगों पर कड़ी कार्रवाई करती है या फिर राजनीतिक दबाव के आगे कानून घुटने टेक देगा।














