सीएचसी दुद्धी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन चिकित्सकों समेत जनपद के 15 डॉक्टरों का तबादला
कहीं नाराजगी तो कहीं नई तैनाती से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद, निरीक्षण में मिली गंभीर खामियों के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई
दुद्धी सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए सीएचसी दुद्धी के तीन चिकित्सकों सहित जनपद के कुल 15 डॉक्टरों का स्थानांतरण कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक ओर मरीजों और स्थानीय लोगों का एक वर्ग अनुभवी चिकित्सकों के तबादले से नाराज नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग इसे स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानते हुए रिक्त पदों पर योग्य, अनुशासनप्रिय एवं सेवाभावी चिकित्सकों की तैनाती की उम्मीद जता रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हाल ही में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्यमंत्री एवं जनपद सोनभद्र के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के प्रथम दुद्धी आगमन के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। बाहरी दवा एवं जांच पर निर्भरता, निजी प्रैक्टिस की शिकायतें, वर्षों से बंद पड़ा आयुष विभाग, अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था, मरीजों के बेड पर चादर तक उपलब्ध न होना तथा अन्य व्यवस्थागत कमियों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह प्रशासनिक कार्रवाई की।
स्थानांतरण आदेश के तहत सीएचसी दुद्धी के चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार सिंह का स्थानांतरण ग्राम कटौली से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कूड़ारी (चोपन) किया गया है। आयुष चिकित्सक डॉ. मिथिलेश कुमार को दुद्धी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोरिया भेजा गया है, जबकि नवागत चिकित्सक डॉ. एमीन अंसारी का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटौली कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद के कुल 15 चिकित्सकों के स्थानांतरण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना है।
इन तबादलों को लेकर स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ मरीजों और ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे चिकित्सकों के अचानक स्थानांतरण से इलाज की निरंतरता प्रभावित होगी और नियमित मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि अस्पताल की सभी कमियों के लिए केवल चिकित्सकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि संसाधनों की कमी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी इसके लिए जिम्मेदार रही हैं।
वहीं दूसरी ओर, कई लोगों का मानना है कि लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण में उजागर हुई खामियों के बाद स्वास्थ्य विभाग का यह कदम आवश्यक था। लोगों को उम्मीद है कि रिक्त पदों पर ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मरीजों के प्रति संवेदनशील चिकित्सकों की तैनाती होगी, जिससे सीएचसी दुद्धी की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार आएगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि केवल स्थानांतरण से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, आयुष विभाग का पुनः संचालन, बाहरी जांच पर रोक, साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए, तभी इस प्रशासनिक कदम का वास्तविक लाभ दुद्धी सहित सैकड़ों गांवों के मरीजों तक पहुंच सकेगा।


















