

कि बीसीसीएल सिजुआ अंतर्गत लोयाबाद क्षेत्रीय चिकित्सालय में डॉक्टरों एवं चिकित्सा सुविधाओं का भारी अभाव है, जिसके कारण क्षेत्र के मजदूरों एवं आम मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर नहीं रहने से मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है तथा मरीज घंटों अस्पताल में बैठकर चिकित्सकीय सुविधा का इंतजार करते रहते हैं।
वर्षों से अस्पताल में डेंटल एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। जबकि अस्पताल में आंख एवं दांत से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं, फिर भी डॉक्टर नहीं रहने के कारण मरीज इलाज से वंचित हैं। मरीजों को आंख एवं दांत के इलाज के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर सीएचडी अस्पताल जाना पड़ता है।
अस्पताल में लगभग 20 लाख रुपये की एक्सरे मशीन एवं टेक्नीशियन उपलब्ध होने के बावजूद मजदूरों का एक्सरे नहीं किया जा रहा है। मजबूरी में मरीजों को बाहर बाजार से एक्सरे कराना पड़ रहा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि विभाग द्वारा टेक्नीशियन को प्रतिमाह वेतन भुगतान किए जाने के बावजूद मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है।
इसके अतिरिक्त अस्पताल की बिजली व्यवस्था भी अत्यंत खराब है। बिजली जाते ही अस्पताल अंधेरे में डूब जाता है। वर्षों से अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण चिकित्सकों को अंधेरे में मरीजों का इलाज करना पड़ता है। अस्पताल की पैथोलॉजी मशीन भी पिछले छह माह से खराब पड़ी हुई है, जिससे कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड, सीरम क्रेटीनिन, हीमोग्लोबिन आदि महत्वपूर्ण जांच बंद हैं।
साथ ही आंख, हड्डी एवं दांत विभाग में डॉक्टर नहीं होने के कारण विभाग पूरी तरह बंद पड़ा है। कोलियरी क्षेत्र होने के कारण यहां आंख एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मजदूरों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सबसे गंभीर समस्या यह है कि रात के समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं। शाम होते ही डॉक्टर अपने घर चले जाते हैं, जिसके कारण रात में किसी भी प्रकार की इमरजेंसी स्थिति में मरीजों को धनबाद रेफर करना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों की जान तक चली जाती है। रात के समय अस्पताल में डॉक्टरों का नदारद रहना क्षेत्र के मजदूरों एवं आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।











