

हेमंत सोरेन। फाइल फोटो
हाईलाइट्स
(1.)15 दिन में झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन।
(2.)सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने का निर्देश।
(3.)बीआईटी सिंदरी को यूनिट्री विश्वविद्यालय में अपग्रेड किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 दिनों के भीतर झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन करने तथा उसे क्रियाशील बनाने की सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोमवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आयोग का गठन कर विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के सभी रिक्त पदों को भरने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि युवाओं को ऐसी गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और मार्केट-ओरिएंटेड शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करे। उन्होंने राज्य के महाविद्यालयों को उनकी रैंकिंग के आधार पर श्रेणीबद्ध करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जा सके।
कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लाइव आनलाइन क्लास के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इसपर अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, रांची एवं बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद से यह पहल शुरू की जा रही है। इसकी पूरी तैयारी की जा चुकी है।
बैठक में बताया गया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अबतक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर विभाग की सहमति मिली है। इनमें 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपए राशि का ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 दिनों के भीतर झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग गठित कर सभी रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, बीआईटी सिंदरी को यूनिट्री विश्वविद्यालय बनाने और तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 दिनों के भीतर झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन करने तथा उसे क्रियाशील बनाने की सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सोमवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आयोग का गठन कर विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कालेजों में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के सभी रिक्त पदों को भरने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि युवाओं को ऐसी गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और मार्केट-ओरिएंटेड शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करे। उन्होंने राज्य के महाविद्यालयों को उनकी रैंकिंग के आधार पर श्रेणीबद्ध करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जा सके।
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छात्रों को उपलब्ध कराएं लोन
सिविल एविएशन विभाग से समन्वय स्थापित कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष कार्य योजना बनाएं। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों की स्थिति का आकलन व समीक्षा कर उसे पीपीटी
मोड पर ले जाने की पहल करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अगले तीन महीने के अंदर विश्वविद्यालयों में अल्टरनेट फाइनेंसिंग सोर्सेस चिन्हित की जाए। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार, अपर सचिव अंजलि यादव, अपर सचिव राजकुमार गुप्ता, निदेशक उच्च शिक्षा सुधीर बाड़ा, निदेशक तकनीकी शिक्षा जार्ज कुमार आदि उपस्थित थे।
कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए 15 दिनों में सक्रिय हो प्राधिकार
बैठक में मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा एवं रोजगारपरक कोचिंग के लिए 15 दिनों के अंदर कोचिंग रेगुलेटरी अथारिटी को पूरी तरह क्रियाशील करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिए। यह अथारिटी कोचिंग संस्थानों का नियमन करेगा। इससे संबंधित अधिनियम पहले ही लागू हो चुका है।
बीआइटी, सिंदरी बनेगी नई यूनिट्री यूनिवर्सिटी, तैयार होगा विधेयक
मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद बीआइटी, सिंदरी को यूनिट्री यूनिवर्सिटी के रूप में अपग्रेड करने पर सहमति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने तकनीकी एजुकेशन ट्रांसफॉर शन के तहत बीआइटी सिंदरी को संपूर्ण डिजिटल प्रजेंटेशन तैयार करने के भी निर्देश दिए। साथ ही इस पर जल्द विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने काे कहा गया।
नौ जिलों में विकसित होगा तकनीकी शिक्षा क्लस्टर
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर चिन्हित जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर तैयार किए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के नौ जिले पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा एवं साहिबगंज में तकनीकी क्लस्टर बनाए जाने की कार्य योजना प्रस्तावित है। शीघ्र इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।
IIT और NIT की तर्ज पर विकसित होंगे पॉलिटेक्निक संस्थान
मुख्यमंत्री ने सभी राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नाेलाजी के रूप में विकसित कर वहां NIT एवं IIT की तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की पढ़ाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
साथ ही IIT एवं NIT की तर्ज पर बीआइटी, सिंदरी एवं झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय को चलाने के लिए नई सोसाइटी गठित होगी।
मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की स्थापना करते हुए IIT के तर्ज पर गवर्निंग काउंसिल, रीजनल कलेक्टर एवं इंडस्ट्रियल गवर्निंग बॉडी गठित किए जाने के निर्देश दिए।
उच्च एवं तकनीकी विभाग से संचालित होगा जुपमी
बैठक में इसपर भी सहमति बनी कि झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (जुपमी) इंस्टिट्यूट अब उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग के अधीन होगा। इस इंफ्रास्ट्रक्चर में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग, एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट कोर्स की पढ़ाई प्रारंभ की जाएगी।



