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शिक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई के खिलाफ प्रहार शिक्षक संघ का विरोध

BLO काम की दिक्कतें न समझने पर शासकीय पुरस्कार लौटाने और बेमुदत उपोषण की चेतावनी

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ: 

वर्धा: विशेष सघन पुनरीक्षण यानी SIR कार्यक्रम के तहत BLO के रूप में नियुक्त शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर हो रही निलंबन की कार्रवाई को लेकर प्रहार शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ ने निलंबन वापस न लिए जाने पर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बेमुदत उपोषण और कोविड काल में मिला शासकीय पुरस्कार लौटाने की चेतावनी दी है।

 

3 शिक्षकों-कर्मचारी निलंबित 

SIR काम में देरी का आरोप लगाकर प्रशासन ने 3 लोगों को निलंबित किया है:

गजानन माहुरे – सहायक शिक्षक, महिला आश्रम बुनियादी प्राथमिक शाळा, वर्धा

धनश्री राऊत – सहायक शिक्षक, यशवंत विद्यालय, सेलू

सुनील कोंडलकर – प्रयोगशाळा परिचर, रवींद्रनाथ टागोर हायस्कूल, सिंदी (मेघे), वर्धा

 

संघ ने निलंबन को बताया गलत  

प्रहार शिक्षक संघ के नागपुर विभाग प्रमुख अजय भोयर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि BLO का काम सीधे चुनाव से जुड़ा नहीं है और नियमों के अनुसार जहां अन्य कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, वहीं शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। लेकिन वर्धा जिले में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई गई।

 

संघ ने बताया कि शिक्षक अपना शालेय काम संभालने के साथ-साथ सुबह से रात देर तक SIR का काम कर रहे हैं। Enumeration फॉर्म मतदाताओं से भरवाकर लेने होते हैं, लेकिन कई मतदाता फॉर्म नहीं लौटाते, बाहर रहते हैं या जरूरी कागजात समय पर नहीं देते। इसके बावजूद बार-बार उनके घर जाना पड़ रहा है। शिफ्टेड और मृत मतदाताओं के पंचनामे में भी मैदानी स्तर पर भारी दिक्कतें आ रही हैं।

 

“तनाव से हो सकती हैं दुर्घटनाएं”  

संघ ने आरोप लगाया कि प्रशासन का लगातार दबाव, मतदाताओं के रात-बेरात फोन और काम का तनाव झेलने से कई BLO बीमार पड़ रहे हैं। बीच में डिजिटलीकरण के काम में तकनीकी अड़चनें भी आईं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुनील कोंडलकर को भी डिजिटलीकरण का काम सौंपा गया था।

 

संघ ने कहा कि इस तरह निलंबन और सख्त कार्रवाई से शिक्षक तनावग्रस्त हो रहे हैं। मुंबई में पहले भी तनाव के कारण आत्महत्या जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। यदि प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो हृदयाघात जैसी दुर्दैवी घटनाएं हो सकती हैं।

 

क्या है मांग ? 

तीनों का निलंबन तुरंत रद्द कर सेवा में पुनर्स्थापित किया जाए और निलंबन काल को क्षमापित कर सेवा नियमित की जाए।

BLO के रूप में काम कर रहे सभी शिक्षकों की वास्तविक दिक्कतों को गंभीरता से लिया जाए।

 

यदि मांगें नहीं मानी गईं तो संघ ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने सभी BLO के साथ बेमुदत उपोषण करने और कोविड काल में प्रशासन द्वारा दिया गया पुरस्कार वापस करने का ऐलान किया है।

 

इस अवसर पर धनराज कावटे, मुकेश इंगोले, दत्तात्रय राऊळकर, मनीष मारोडकर, अविनाश धात्रक, संतोष महाजन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।

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