सिद्धार्थनगर में “नशा मुक्त युवा-विकसित भारत”
अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, वाद-विवाद, स्लैम पोएट्री और स्लोगन लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन और विशिष्ट अतिथि सीएमएस डॉ. सच्चिदानंद उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को कमजोर करता है तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए नशा मुक्त युवा सबसे बड़ी ताकत हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन शिक्षण संस्थानों से आए निर्णायकों ने किया। प्रतिभागियों ने अपनी कला और अभिव्यक्ति के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया।
प्रतियोगिता में नृत्य में टीम ईशा, लोकगीत में कन्हैया, नुक्कड़ नाटक में मेडिकल कॉलेज टीम, चित्रकला में प्रियंका कुमारी, वाद-विवाद एवं भाषण में स्तुति त्रिपाठी, स्लैम पोएट्री में शिवम दुबे और स्लोगन लेखन में रुकमणी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ ली और हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
समापन अवसर पर जिला युवा अधिकारी निशांत कुमार चौहान ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा लिया गया नशा मुक्ति का संकल्प ही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। अंत में विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी गई ।











