
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। यूपी में योगी सरकार ने डिप्टी कमिश्नर पर ऐक्शन लिया है। 5.95 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी प्रकरण में राज्य कर उपायुक्त राजेश कुमार द्विवेदी को सस्पेंड किया गया।।
🔥 जांच में पंजीकरण प्रक्रिया में लापरवाही और नियमों के उल्लंक्षघन का आरोप सिद्ध हुआ।
🔥 राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 22.5 करोड़ के आईटीसी घोटाले में तीन सहायक आयुक्त सस्पेंड।
लखनऊ।। फर्जीवाड़े के जरिए आईटीसी का गलत लाभ उठाया गया। इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से संबंधित करीब 22.5 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में राज्य कर विभाग ने गोरखपुर में तैनात सहायक आयुक्त अजय कुमार और हापुड़ में तैनात सहायक आयुक्त अभय कुमार पटेल व जितेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में अजय कुमार सहारनपुर और अभय व जितेन्द्र बांदा कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
गोरखपुर में तैनात सहायक आयुक्त खंड-11 अजय कुमार पर आरोप है कि उन्होंने लकी इंटरप्राइजेज के पंजीकरण आवेदन की जांच समय पर नहीं की। इस लापरवाही से फर्म ने 1.97 करोड़ से ज्यादा की फर्जी आईटीसी पास करा ली। हापुड़ में सहायक आयुक्त अभय कुमार पटेल और जितेन्द्र कुमार पर आरोप है कि निशा इंटरप्राइजेज का पंजीकरण 2 मई 2023 को जारी किया।
निरीक्षण अधिकारी ने जुलाई 2023 को फर्म के फर्जी होने की रिपोर्ट देते हुए पंजीकरण रद्द करने की संस्तुति की। लेकिन संबंधित अधिकारी के कार्रवाई न करने से 19.55 करोड़ का फर्जी आईटीसी पास करा लिया गया। इस मामले में लापरवाही के लिए तत्कालीन उपायुक्त लालचन्द के विरुद्ध भी अनुशासनिक जांच के आदेश दिए गए हैं।














