
मरम्मत के नाम पर किया गया लाखों रुपये खर्च आंधी तूफान से उड़ गई छत स्तरहीन मरम्मत व राशि का बंदरबाट करने का लगा आरोप
चार लाख के मरम्मत कार्य से बना स्कूल आंधी आते ही हो गया स्वाहा,
ओड़गी = आज भले ही सरकार द्वारा तमाम प्रकार के दावे कर लोगों को जागरूक करने में ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, लेकिन धरातल पर उसका पालन करने में अधिकारी को उल्टे पांव सीढ़ी चढ़ने जैसा लग रहा हैं, विकास के सुनहरे चिड़िया को अपने ऑफिस तक ही रख रहे हैं, इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कम और विनाश अधिक होते दिख रहा है इनके कागजों पर बनाए गए विभागीय जानकारियों को नेताओं के आगे परोस दिया जाता हैं जिसको देखकर नेता भी उनके दिया हुआ जानकारी को लोगों के बीच रखते हैं जिसको सुन वही ग्रामीण इनकी सराहना करते हैं लेकिन सामने का हकिकत कुछ और होता है,
इन दिनों नेता भी सोशल मीडिया से लेकर इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया छाए हुए हैं यह कहते हुए कि सभी अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल नियमित रूप से भेजे ताकि आपके बच्चें पढ़ लिख कर ऑफिसर बने, इसको लेकर अभी हालही में नेता मंत्री भी क्षेत्र में शाला प्रवेश उत्सव मनाने आए और मना कर चल दिए, आपके द्वारा तो बच्चे और उनके पालकों को सुझाव दे दिया जाता हैं लेकिन क्या किसी अधिकारी को दिशा निर्देश क्यों नहीं दिया जाता हैं, यह सवालिया निशान बना हुआ है भ्रष्टाचार में लिप्त ओड़गी ब्लॉक यहां पर बीईओ से बीआरसी तक सभी एक ही थाली के चट्टे बट्टे नजर आ रहे हैं बात की जाए तो स्कूल मरम्मत कार्य में अनियमित बढ़ाते हुए इनके द्वारा इस प्रकार का कार्य किया गया है कि बरसात और आंधी जैसे आता है तो छत उड़ जाए स्कूल में पानी भर जाए इन मानसा के साथ संबंधित इंजीनियर की मिलीभगत के कारण आज यह दृश्य देखने को मिल रहा है जो की बहुत ही सोचनीय और बहुत ही दर्दनाक है ऐसे में स्कूल में भेजने का मन किस पालक को करेगा स्कूल का व्यवस्था ही ठीक नहीं है, स्कूल में शिक्षक रोज आते हैं लेकिन ऐसे में उन नन्हे मुन्ने बच्चों के ऊपर खतरा मंडराता नजर आ रहा हैं इस गंभीर विषय को ग्राउंड में अमल करने की बात की जाए तो वहां पर आप कुछ नहीं कर सकते, ऐसा विडंबना इस ब्लॉक में क्यों निर्मित होता है क्या भ्रष्टाचारियों को शरण देने वाला यह ब्लॉक बन गया है।
आज हम बात कर रहे हैं ओड़गी ब्लॉक मुख्यालय से लगा हुआ महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत खर्रा का जहां स्कूल मरम्मत कार्य में घोर लापरवाही बढ़ती गई है 4 लाख की लागत से हुए इस स्कूल मरम्मत में ऊपर के सभी सीट उड़ चुका है जिसमे शिक्षक और विद्यार्थी पंचायत भवन में सभी पढ़ाई कर रहे, और सुधार करने की गुहार पदस्थ शिक्षक राजेश्वर बी ई ओ से लेकर बी आर सी तक भटक रहे हैं लेकीन सुध लेने वाला कोई नहीं है, शिक्षक का कहना था कि यहां मौजूद रहना दुर्घटना को आमंत्रण देना है कब क्या हो जाए कोई पता नहीं इसलिए मैं सभी पढ़ रहे 21 विद्यार्थियों को पंचायत भवन में व्यवस्था कर पढ़ा रहा और विनती मेरी यही है कि इस मामले को गंभीरता पूर्वक विचार कर अति शीघ्र प्रशासन के द्वारा संज्ञान में लेते हुए कार्य को पुनः अच्छे से कराया जाएं ताकि स्कूल जैसे सुविधा गरीब के बच्चों को मिले।।
० जनप्रतिनिधी ने भी कहा स्कूल मरम्मत कार्य में साठ-गांठ के कारण ऐसा स्तिथि हो रहा है निर्मित।।
जनपद उपाध्यक्ष शिव बालक राम यादव ने कहा कि इससे पूर्व भी मेरे द्वारा स्कूल मरम्मत कार्य में जानकारी मांगा गया था लेकिन बीईओ से बीआरसी और इंजीनियर ठेकेदार के साठ गांठ घाट होने के कारण जानकारी मुझे नहीं मिला बहुत सारे स्कूलों में तो इनके द्वारा 6 सीट 5 पाइप डाल करके दो से ढाई लाख रुपए का बिल लगाकर सरकार और प्रशासन को गुमराह कर लूटने का काम इन लोगों ने किया है और यह बहुत बड़ा विषय है आज ग्राम पंचायत खर्रा के प्राथमिक शाला का छठ उड़ा है कल किसी और स्कूल का भी उड़ सकता है और दुर्घटना का शिकार बच्चे बन सकते हैं शासन प्रशासन से अपील है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए दोषियों पर कार्यवाही किया जाए जिससे बच्चे सुरक्षित रहें स्कूल सुरक्षित रहें।।
इस विषय में जिला शिक्षा अधिकारी का कहना था कि मैं अभी छुट्टी पर हूं और जनप्रतिनिधी इस बारे में मुझे बता चुके हैं मैं आकर के उसको देखने आऊंगा।







