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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार माननीय मुख्य मंत्री श्री योगी जी की नीतियों पर पानी फेरा जा रहा है।
भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से दिए गए ध्वस्तीकरण के आदेश को टाला गया और माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का किया गया उल्लंघन।ऐसा ही मामला सहारनपुर विकास प्राधिकरण से जुड़ा हुआ अब प्रकाश में आया है जो बताता है की भरष्टाचार कभी ख़तम नहीं हो सकता।
पूरा मामला : सहारनपुर विकास प्राधिकरण वैसे ही आज कल सुर्खिया बटोर में लगा हुआ वही कुछ भऱष्ट अधिकारियो व् कर्मचारियों के रहते भरष्टाचार को ख़तम करने की नीतिया उत्तर प्रदेश सरकार माननीय मुख्य मंत्री श्री योगी जी के द्वारा बनायीं जाती रही है उनको ताक पे रख अपनी जेब भरने में लगे हुए है। पूरा मामला समजे सहारनपुर नगर के बीचो बिच बाजोरिया मार्ग पे स्तिथ चर्च कम्पाउंड से जुड़ा हुआ है चर्च के अधिकारियो व् मौजूदा प्रॉपर्टी अफसर से बात हुई तो उन्होंने बताया की जब यह चर्च कम्पाउंड कॉलोनी को विकास प्राधिकरण के द्वारा स्वीकृत कॉलोनी में दर्ज किया गया था तब इसका सर्वे कर सहारनपुर विकास प्राधिकरण के द्वारा नक्शा दर्ज किया गया था। चर्च के कब्रिस्तान के निकट चर्च की सम्पति के एक हग 716 वर्ग गज का प्लाट खाली पड़ा था जिस पर हाजी रईस , राओ उस्मान , परवेज आलम ,व् रेहमान नामक लोगो ने बाबू हाकिम के पुत्रो द्वारा अपने निजी फायदे के लिए आपस में लेंन देंन कर लिया गया था जिस पर चर्च के पॉपर्टी अफसर द्वारा इस मामले को संज्ञान में लिए और जिला अधिकारी सहरानपुर , पुलिस आयुक्त सहरानपुर और सहारनपुर विकास प्राधिकरण को सूचित कर कार्यवाही कराई गई जिसके पश्चात् विकास प्राधिकरण ने निर्माण कार्य को रोकते हुए सील कर दिया गया था। विकास प्राधिकरण के द्वारा नोटिस चस्पा कर ध्वस्तीकरण करने के लिए कहा गया है अंतिम तिथि 07 /10 /2024 दी गयी है अब देखना यह है की किया वाकई में ध्वस्तीकरण किया जायेगा या फिर खाना पूर्ति कर फिर से चर्च की समपत्ति को खुर्द बुर्द होने दिया जायेगा। चर्च ऑफ़ इंडिया CIPBC इंडियन चर्च ट्रस्टीज के नाम पर दस्तावेजों में अंकित चली आ रही जिस पर इलाहबाद उच्च न्यायालय के द्वारा चर्च , ईसाई और कब्रिस्तान की सम्पति पर हुए अवैध कब्जो को ध्वस्तीकरण करने के आदेश दिए जा चुके है व् शासनादेश भी जारी किये जा चुके हे एवं चर्च , ईसाई और कब्रिस्तान की सम्पति के रजिस्ट्री के लिए आये विक्रय पत्र को ग्रेहण ना करने के लिए भी आदेश किये जा चुके है परन्तु भरष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारियो व् कर्मचारीयो की मिली भगत से चर्च ऑफ़ नार्थ इंडिया आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन के द्वारा सारा खेल खेला जा रहा है जबकि 2013 भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने चर्च ऑफ़ नार्थ इंडिया आगरा डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन नाकाम संस्था को अपने प्रलय में अवैध घोषित किया हुआ है। जिसके बावजूद चर्च , ईसाई और कब्रिस्तान की सम्पति की रजिस्ट्रीया की जा रही। चर्च ऑफ़ इंडिया CIPBC की CIPBC जनरल कौंसिल जो की कंपनी एक्ट में रजिस्टर्ड है जिसको इंडियन चर्च एक्ट 1927 व् भारतीय चर्च माप अधिनियम 1927 के अधीन चलाया जाया आ रहा है। अब सवाल यह है की जिला प्रशासन एवं सहारनपुर विकास प्राधिकरण किया कार्येवहि करता है।
सूत्रों के आधार पर गियात हुआ है की यह लोग विकास प्राधिकरण में किसी दलाल के जरिये से अधिकारियो से साठ गाठ कर धवस्तिकर की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए। ✍️
रिपोर्ट : अलिक सिंह
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